ऐतिहासिक और प्रेरणादायी आयोजन – रक्तदान शिविर, जो समाजसेवी स्वर्गीय श्री कमलाशंकर राय की 22वीं पुण्यतिथि के अवसर पर युवाशक्ति चेरीटेबल ट्रस्ट सरीगाम के तत्वावधान में आयोजित किया गया।

0
214

गुजरात के वलसाड जिले की सरीगाम ग्राम पंचायत स्थित फंसा रोड जीआइडीसी क्षेत्र में आयोजित हुआ एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी आयोजन – रक्तदान शिविर, जो समाजसेवी स्वर्गीय श्री कमलाशंकर राय की 22वीं पुण्यतिथि के अवसर पर युवाशक्ति चेरीटेबल ट्रस्ट सरीगाम के तत्वावधान में आयोजित किया गया।

इस पुनीत अवसर पर गुरुवार, दिनांक 31 जुलाई 2025 को आयोजित रक्तदान शिविर में लोगों ने अभूतपूर्व उत्साह और मानवता के भाव से भाग लिया, जिसका परिणाम रहा कि कुल 1670 यूनिट रक्त का संग्रहण किया गया। यह आंकड़ा न केवल ट्रस्ट के अथक प्रयासों का प्रतीक है, बल्कि यह समाज में एक सकारात्मक ऊर्जा, एकजुटता और सेवा भाव का भी ज्वलंत उदाहरण है।

इस आयोजन की प्रेरणा स्रोत रहे श्री राकेश राय जी, जो न केवल स्व. कमलाशंकर राय जी के सुपुत्र हैं, बल्कि युवाशक्ति चेरीटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं। उनके कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और समाज के प्रति समर्पण ने इस शिविर को एक महान सामाजिक आंदोलन का रूप दे दिया।

उन्होंने यह साबित कर दिया कि जब सेवा का भाव सच्चा हो और नेतृत्व सशक्त हो, तो कोई भी कार्य असंभव नहीं होता। उनका एक-एक प्रयास, एक-एक संदेश, लोगों को प्रेरित करता रहा और समाज की सेवा में एकता की मिसाल बन गया।

ट्रस्ट के अन्य सदस्यों – रसिक पटेल, मिश्रा जी, देवराज (पंडित जी), विनोद, विपुल राय, नीरज राय तथा समस्त युवाशक्ति चेरीटेबल ट्रस्ट सरीगाम के समर्पित सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने पूरे आयोजन को सुनियोजित, सुव्यवस्थित और सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

इन सभी की मेहनत और सेवाभाव ने यह साबित कर दिया कि यदि इरादे नेक हों और लक्ष्य सेवा का हो, तो समाज में परिवर्तन लाना संभव है।

इस रक्तदान शिविर को सफल बनाने में वलसाड रक्तदान केंद्र, मानव आरोग्य सेवा केंद्र पारडी, लाइन्स ब्लड बैंक वापी, न्युकेम ब्लड बैंक हरिया वापी और रेडक्रॉस ब्लड बैंक सिलवासा जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों ने अहम भूमिका निभाई। उनके कुशल मेडिकल स्टाफ और सहयोगी टीमों ने पूरी निष्ठा से दिनभर सेवा दी।

शिविर में सभी रक्तदाताओं को पुष्पगुच्छ, उपहार और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे समाज में सेवा की भावना को और बल मिला। यह न सिर्फ एक रक्तदान शिविर था, बल्कि यह एक ऐसा प्रेरणादायी सामाजिक अभियान बन गया जिसने यह दिखा दिया कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।

स्व. कमलाशंकर राय जी की पुण्य स्मृति को समर्पित यह शिविर न सिर्फ एक श्रद्धांजलि थी, बल्कि यह समाज के लिए एक प्रेरणा स्तंभ बन गया। 1670 यूनिट रक्त का संग्रहण एक आंकड़ा नहीं, बल्कि हजारों जीवन बचाने की आशा है।

राकेश राय जी और उनकी पूरी टीम को इस ऐतिहासिक और अद्वितीय आयोजन के लिए हृदय से साधुवाद और शुभकामनाएं। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि “रक्तदान ही महादान है”, और जब समाज संगठित होता है, तो मानवता की सबसे बड़ी सेवा संभव होती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here