


उमरगांव तालुका के गांधीवाडी क्षेत्र में दिनांक 15 अक्टूबर को शुभम चाली के मालिक शुभम राजपूत देवधाम स्थित अपनी चाली पर सुबह 9 बजे के आसपास पहुंचे और चाली के एक रूम की जांच करने लगे,तभी अचानक से उनके किराएदार का एक साथी वहां आ टपका और चाली के मालिक शुभम राजपूत को,तू यहां का मालिक है क्या? ऐसा बोलकर गंदी-गंदी गालियां देने लगा.फिर अचानक से किराएदार के दो साथी और वहां आ टपके,उसके बाद चाली के मालिक शुभम राजपूत ने वहां से चले जाने में ही अपनी भलाई समझी और वहां से चले गए।
उसके बाद चाली के मालिक शुभम राजपूत ने किराएदार रामलाल मल्ला को कॉल करके कहा तुमलोग मेरे रूम में गाली गलौच करते हो इसलिए मेरा रूम खाली कर दो,उसके बाद 10:30 के आसपास शुभम राजपूत अपनी चाली के पास खड़े होकर फोन पर बात कर रहे थे तभी उनके किराएदार रामलाल मल्ला अपने तीन साथी गज्जू उर्फ गजेंद्रसिंह राठौड़,सूरज वारली तथा रोहन यादव के साथ चाली पर आ पहुंचे और अचानक से चाली के मालिक शुभम राजपूत के साथ मारपीट करने लगे और चाली के रूम पर पत्थर मारने लगे,तभी चाली के मालिक शुभम राजपूत डर गए और खुद को बचाने के लिए चाली के रूम की तरफ भागे,तभी किराएदार रामलाल मल्ला और उसके साथियों ने मिलकर चाली के मालिक शुभम को खींचकर बाहर निकाला एवं बहुत बुरी तरीके से पीटने लगे,तभी किराएदार रामलाल मल्ला के एक साथी रोहन यादव ने कहीं से प्लास्टिक का पाइप उठाया और शुभम राजपूत के सर पर वार कर उन्हें बुरी तरीके से घायल कर दिया एवं उनके हाथ और पैरों पर भी बुरी तरह से वार किया।
चाली के मालिक शुभम राजपूत वहीं पर लहूलुहान हालत में गिर पड़े तभी शुभम राजपूत के घर वाले आए और ताबड़तोड़ उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
तो क्या अब गांधीवाडी इलाके में मकान मालिक अपने किराएदार से ही सुरक्षित नहीं है?
जिस तरीके से इन चारों लोगों ने शुभम राजपूत पर हमला किया है उसे मद्देनजर रखते हुए अब गांधीवाड़ी में सोच समझकर किसी को रूम किराए पर देना होगा,अब जांच का विषय तो यह है कि इन चारों लोगो का कामकाज क्या हे?
जो इस तरीके से गांधीवाडी में खुलेआम मारपीट को अंजाम दे रहे हे.




