उमरगांव क्षेत्र में माटी माफियाओं का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। माटी ढोने वाली हाइवा और डंपर गाड़ियां ज्यादा ट्रिप मारने के लालच में सड़कों पर बेखौफ दौड़ रही हैं, जिससे आम लोगों की जान जोखिम में पड़ गई है। तेज रफ्तार और ओवरलोड गाड़ियों के कारण हर दिन हादसों का खतरा बना हुआ है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या इन गाड़ियों के पास वैध रॉयल्टी है या फिर खुलेआम अवैध खनन किया जा रहा है? सूत्रों की मानें तो कई गाड़ियां बिना किसी अनुमति के माटी का उत्खनन कर रही हैं और प्रशासन को भारी राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
चौंकाने वाली बात यह भी सामने आ रही है कि महाराष्ट्र से पत्थर लाने का खेल भी बिना रॉयल्टी के धड़ल्ले से जारी है। यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा है, जिसमें नियम-कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
अब सवाल प्रशासन पर है — आखिर कब जागेगा खान-खनिज विभाग? कब पुलिस और आरटीओ इन बेलगाम दौड़ते ट्रकों पर लगाम लगाएंगे? अगर जल्द सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि
ओवरलोड गाड़ियों पर तुरंत कार्रवाई हो,
हर ट्रक की रॉयल्टी और परमिट की जांच की जाए,
तेज रफ्तार पर कंट्रोल के लिए सख्त नियम लागू किए जाएं,
अगर प्रशासन अब भी नहीं चेता,तो माटी माफियाओं का यह खेल आम जनता की जान के लिए खतरा साबित हो सकता हे,
तो अब प्रशासन किसी हादसे का इंतजार किए बिना तत्कालीन इस मुद्दे पर ध्यान देते हुए कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.




