सरिगांव जीआइडिसी के इतिहास में पहली बार सरकारी अधिकारी ने ही भेजा सरकारी अधिकारी को नोटिस,जीपीसीबी के प्रादेशिक अधिकारी ए.ओ.त्रिवेदी ने सरिगांव नोटिफाइड को भेजा तत्कालीन प्रभाव से लीकेज बंद करने के लिए”वाटर एक्ट-1974 के तहत अंडर सेक्शन 33A”का नोटिस….

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सरीगांव जीआईडीसी की हद्द में यूं तो कुछ न कुछ समस्याएं केमिकल वेस्टेज डिस्चार्ज को लेकर हर दिन देखने को मिल रही है,इसी बीच सरिगांव जीपीसीबी के प्रादेशिक अधिकारी ए.ओ.त्रिवेदी ने डिस्चार्ज के मुद्दे को देखते हुए नोटिफाइड एरिया ऑथोरिटी को ही दे दिया नोटिस.
जीपीसीबी के अफ़सर द्वारा वाटर एक्ट अंडर सेक्शन 23 के तहत 02/12/2024,18/01/2025 एवं 03/02/2025 को ऐसे तीन बार निरीक्षण किया गया,
जीपीसीबी के अफ़सर द्वारा 02/12/2024 को हेनी ड्रग्स प्राइवेट लिमिटेड के नजदीक निरीक्षण में पाइपलाइन में छेद मिला,उसके बाद जब 18/01/2025 को दूसरी बार निरीक्षण कीया गया तब हेनी ड्रग्स के पास जीआईडीसी के चेंबर के अंडर ग्राउंड पाइप लाइन में लीकेज मिला,उसके बाद तीसरी बार 03/02/2025 को जीपीसीबी द्वारा जब निरीक्षण कीया गया तब जीपीसीबी ऑफिस के सामने वाले रोड नंबर 21 पर ही वेस्ट वाटर का लीकेज देखने को मिला.
जीपीसीबी द्वारा निरीक्षण के बाद वाटर एक्ट-1974 के तहत अंडर सेक्शन 33A का नोटिस नोटिफाइड सरिगांव को तत्कालीन तौर पर भेजा गया तथा नीचे दिए गए 6 मुद्दे का पालन करने के लिए कड़क आदेश दिए गए,
1.जीआईडीसी से सीईटीपी तक मौजूदा भूमिगत अपशिष्ट ले जाने वाली पाइपलाइन को बढ़ाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए,
2.मौजूदा पाइपलाइन द्वारा भूमिगत अपशिष्ट जल ले जाने वाली पाइपलाइन प्रणाली पर तत्काल मरम्मत और रखरखाव कार्य किया जाना चाहिए.
3.यह जरूरी है कि सभी अपशिष्ट पाइपलाइनों को रिसाव रहित बनाया जाए यह सुनिश्चित करना कि भविष्य में कोई रिसाव की घटना न घटे.
4.रखरखाव और मरम्मत के उद्देश्यों की निगरानी के लिए अपशिष्ट ले जाने वाली पाइपलाइन प्रणाली को स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले और आसानी से सुलभ कनेक्शन के साथ ओवर हेड प्रणाली में परिवर्तित किया जाना चाहिए.
5.सभी पम्पिंग स्टेशनों को पुनः डिजाइन और अपग्रेड किया जाना चाहिए,यह सुनिश्चित करना कि भारी वर्षा या मानसून के मौसम में कोई अतिप्रवाह न हो,जिससे पर्यावरणीय और सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम को रोका जा सके.
6.उपरोक्त कार्यवाही के लिए एक व्यापक व्यवहार्यता अध्ययन सहित एक विस्तृत समयबद्ध कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए और तथा शीघ्र समीक्षा के लिए प्रस्तुत की जानी चाहिए.
इसी के साथ जीपीसीबी ने नोटिस मिलने के 15 दिनों के अंदर जवाब भी मांगा.

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