पंचदेव ट्रस्ट, लवाछा वापी,पद्म विभूषण जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी की प्रेरणा एवं वापी दमन सिलवासा के सनातन धर्म प्रेमियों के भावार्थ तीर्थधाम पंचदेव मंदिर ( जिसमें रानी सती दादीजी, राम दरबार एवं राधा कृष्ण, श्री खाटू श्याम मंदिर, सालासर हनुमान मंदिर, शिव परिवार) का निर्माण होगा:12 दिसंबर को मंदिर की आधारशिला पद्मविभूषित परम पूज्य संत श्री रामभद्राचार्य जी के कर कमलों से रखी जाएगी और दिनांक 10 दिसंबर से 16 दिसंबर तक मंदिर निर्माण स्थल पर उनके मुखारविंद से कथा वाचन का भी कार्यक्रम

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तीर्थधाम : पंचदेव ट्रस्ट, लवाछापद्म विभूषण जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी की प्रेरणा एवं वापी दमन सिलवासा के सनातन धर्म प्रेमियों के भावार्थ तीर्थधाम पंचदेव मंदिर ( जिसमें रानी सती दादीजी, राम दरबार एवं राधा कृष्ण, श्री खाटू श्याम मंदिर, सालासर हनुमान मंदिर, शिव परिवार) का निर्माण होगा। ये पांचों मंदिर एक ही परिसर में होंगे अतः इस मंदिर का नाम पंचदेव मंदिर रखा गया है। इस तीर्थधाम मंदिर निर्माण की परिकल्पना हमारे क्षेत्र के उद्योगपति एवं धर्मप्रेमी गौ सेवक श्री सूर्य प्रकाश जी अग्रवाल एवं उनके साथियों द्वारा संकल्पित की गई, जिसके संकल्प स्वरूप, श्रीमति कौशल्या देवी अग्रवाल ट्रस्ट द्वारा मंदिर निर्माण के लिए 2 एकड़ भूमि समर्पित करके इस योजना को मूर्त रूप देने का काम शुरू किया गया।मंदिर में एक गौशाला का भी निर्माण होगा, जिसमें गौ सेवा के अलावा गाय का दूध और दूध की अन्य सामग्री मंदिर उपयोग में ही ली जाएगी।आगामी 12 दिसंबर को मंदिर की आधारशिला पद्मविभूषित परम पूज्य संत श्री रामभद्राचार्य जी के कर कमलों से रखी जाएगी और दिनांक 10 दिसंबर से 16 दिसंबर तक मंदिर निर्माण स्थल पर उनके मुखारविंद से कथा वाचन का भी कार्यक्रम रखा गया है।मंदिर का निर्माण हो जाने के बाद दक्षिण गुजरात सहित वापी दमन सिलवासा का यह आध्यात्मिक चेतना संस्कृति को जीवित रखने वाला यह सिर्फ पंचदेव मंदिर भगवान की आस्था का केंद्र ही नहीं, अपितु सनातन की अलख जगाने का एक अलौकिक सनातन विश्वविद्यालय स्वरूप केंद्र स्थापित होगा एवं इस परिकल्पना के साथ निर्माण प्रारंभ होगा।इस तीर्थधाम में अभी 90 सुसज्जित कक्ष बनेंगे जिसमें हमारे साधु संत धर्म प्रेमी आगंतुक निवास कर सकेंगे। इन कक्ष का उपयोग व्यवसायिक कार्यों के लिए पूर्णतः वर्जित होगा। प्रेम कुटीर के नाम को सार्थक करने के लिए हमारे अपने बुजुर्ग परिजन माता पिता आदि के लिए समय समय पर अल्पकालीन अवकाश ग्रह के लिए कक्ष का उपयोग किया जाएगा, सात्विक खान पान, चिकित्सा और देखभाल का पूर्ण ख्याल रखा जाएगा।मन्दिर निर्माण के बाद मंदिर को संचालित करने के लिए ट्रस्ट का निर्माण और कमेटी का गठन किया जाएगा जिससे ये विशाल तीर्थधाम हमेशा सुचारू रूप से संचालित होता रहेगा।मंदिर निर्माणार्थ की लागत स्वरूप करीब 4 लाख ईंटों की परिकल्पना की गई है। एक ईंट की लागत 1100 रूपये होगी, जिससे हर एक सनातन प्रेमी अपनी सहभागिता स्थापित कर सके।यह एक संक्षिप्त परिकल्पना है, आगे पंचदेव भगवान के आशीर्वाद स्वरूप बहुत सारी आध्यात्मिक प्रवृतियों का समावेश होता रहेगा।

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