
गुजरात राज्य के वलसाड जिले की सरीगाम स्थित की थ्रीस्टार इंटरमीडिएट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की आयोजन मे और सरीगाम इण्डट्रीज एशोसियसन की तत्वाधान मे एसआइऐ हॉल मे हुवा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर हुवा सम्पन्न 119 लोगों ने किया रक्तदान– सरीगाम इण्डट्रीज एशोसियसन की प्रमुख कमलेश भट्ट जी की अध्यक्षता में और शमीम रिजवी की संचालन मे विशाल रक्तदान सम्पन्न हुआ।इस रक्तदान शिविर का उद्घाटन गुजरात राज्य के पूर्व राज्यमंत्री एंव वर्तमान मे उमरगांव विधानसभा के विधायक रमनभाई पाटकर एंव कंपनी की प्रवंधक और सरीगाम इण्डट्रीज एशोसियसन की मेंबरों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन करते हुए कार्यक्रम को आगे बढाया। इस शिविर में कुल 119 बोतल रक्त एकत्रित किया गया।कार्यक्रम मे रक्तदान करने वाले राजेशभाई पटेल,शिवाजी दावरे,आनन्द सिंह,टंकप्रसाद दाहाल, प्रतिक गोहिल, महेश दिवाकर एंव रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं प्रोत्साहित करने के लिये एंव समान स्वरूप पुरुस्कार वितरण के साथ साथ मे नास्ता पानी कराया गया। इस अवसर पर सरीगाम इण्डट्रीज एशोसियसन के एंव इसके आसपास के क्षेत्र के आंनद पटेल, वीडी शिवदास,कृष्ण तिवारी, परमेश्वर,एचआर से देवांग माछी, विनोद वारली, नारायण भाई, किशोर गजेरा, कौशिक पटेल, निर्मल दुधानी, उदय मारवाली, राजेश पांचाल, मुकेश पटेल, दिलीप भंडारी,मिडिया प्रभारी प्रकाश उपाध्याय, तेजस राजभर और सरीगाम औधोगिक क्षेत्रके तमाम सदस्यों सहित बड़ी संख्या में रक्तदाता उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित रक्तदाताओं को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक एंव पूर्व राज्य मंत्री रमनभाई पाटकर ने
कार्यक्रम मे आये हुये सभीको प्रोत्साहित करते हुए कहा कि रक्तदान से किसी की जान बचाई सकती है।आज तक मानव रक्त का कोई विकल्प नहीं खोजा जा सका है।रक्तदान मानवता की सेवा का सर्वोत्तम उदाहरण है। रक्तदान साहस का भी प्रतीक है। इसमें एक साथ कई लोगों की जिंदगी बचा सकते हैं। रक्तदान से डरने की जरूरत नहीं है।कोई भी 18 से 60 वर्ष के बीच का स्वस्थ्य व्यक्ति हर तीन में रक्तदान कर सकता है। रक्तदान से किसी व्यक्ति का केवल प्राण ही नहीं बचते, बल्कि जाति-धर्म का भेदभाव भी समाप्त होता है–इससे तनाव ,ईर्ष्या,द्वेष आदि नकारात्मक भाव कम होता है और समाज में भाई चारा बढ़ता है । हमारे जिस दान से किसी को जीवनदान मिल सकता है तो वह दान सबसे श्रेष्ठ कहलाता है और रक्तदान से किसी की जिंदगी को बचाया जा सकता है इसलिए रक्तदान को सर्वश्रेष्ठ दान कहा जाता है..।
इस महत्वपूर्ण अवसर कंपनी के प्रवंधक संजय मारवाली ने कहा कि मैं 100 साल जियूँ या ना जियूँ।लेकिन अपने जीवनकाल में 100 बार रक्तदान करके हजारों दिलों पर राज जरूर करना चाहूँगा। मौका मिला है रक्तदान का इसे यूँ ना गँवाइये। देकर के दान रक्त का आप पुण्य कमाइये।।
रक्तदान आसान है, कठिन नहीं है यार।
हर एक दिन हमको रहना है तैयार।।
यदि करनी हो जनसेवा-रक्तदान ही है उत्तम सेवा।। और उन्होंने यह भी कहा की रक्तदान के लिए पहलवान होना जरूरी नहीं है,सिर्फ इंसान होना जरूरी है। इसलिये आपसे हाथ जोड़कर निवेदन है कि आप सभी लोग मिलकर ज़्यादा से ज़्यादा रक्तदान करके मानवता के इस काम मे मदद करे-काम धंधा चलता रहेगा,जीवन इसी तरह चलता रहेगा,तो आप लोग अपने बिजी रूटीन में से थोड़ा सा समय निकाल कर आप भी आये और अपने दोस्तों को भी आने को प्रेरित करे ।
“मौत तो एक दिन वैसे भी आना है उससे पहले कई जिंदगी बचाना है”” इन्हीं शब्दों के साथ मैं अपनी वाणी को विराम देता हूँ..अंत में सभी औद्योगिक संगठन क्षेत्र के मालिक एंव कर्मचारीयोंको,रक्त दाताओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया ।




