भिलाड -डहेली अंतर्गत एकता नगर एकता पार्क सोसाइटी के भगवान गणपति मूर्ति विसर्जन शोभायात्रा निकली

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तपोवन ,संजान : गुजरात राज्य के वलसाड जिले के उमरगाम तालुका की भिलाड -डहेली अंतर्गत एकता नगर की एकता पार्क सोसाइटी की गणेश महोत्सव के 6 सितम्बर की सातवें दिन की भगवान श्रीगणेश की मूर्ति विसर्जन शोभायात्रा निकला और जगह जगह पर ढोल नगाड़ों व गाजे-बाजे के साथ गुलाल के साथ होली खेलते हुए “गणपति बप्पा मोरिया, अगले वर्ष तू जल्दी आना” सहित भगवान के विभिन्न जयकारों के साथ झरोली समीप बहने वाली दमण-गंगा नदी एंव तालाव में पुरी श्रद्धा भक्ति के साथ गणेश की प्रतिमा को विसर्जन किया गया और शामको साढ़े सौ अधिक श्रद्धालु के लिये एकता पार्कमे महाभंडारे का भी आयोजन””

गुजरात राज्य के वलसाड जिले के उमरगाम तालुका की भिलाड -डहेली अंतर्गत एकता नगर की एकता पार्क सोसाइटी की गणेश महोत्सव के
दिनांक-6 सितम्बर 2022 मंगलवार को
सातवें दिन की भगवान श्रीगणेश की मंडप पर पहुंच कर सभि श्रद्धालुओं ने गणेश जी का बडी आस्था एवं हर्षोल्लास के साथ एंव पुरी भक्तिभाव से पूजापाठ करके सभिने अपने घर परिवार की सुख समृद्धि की प्रार्थना की-उसके बादमें
उस वक्त सोसाइटी के महिला,पुरूष ,बच्चे समेत बड़ी दूर दूर से आये गणेश जी की सभी भक्तों ने गणेश जी की प्रतिमा को लेकर ढोल-नगारों के साथ एक कतार में निकलतें है और जगह जगह पर ढोल नगाड़ों व गाजे-बाजे के साथ गुलाल के साथ होली खेलते हुए “गणपति बप्पा मोरिया, अगले वर्ष तू जल्दी आना” सहित भगवान के विभिन्न जयकारों के साथ उस वक्त पर सभी भक्तों ने हर रास्ते गुजरते हुए वहाँ सभी द्वारा एक गुंजायमान भक्तिभाव का आवाज निकलता था।जैसा कि कई जगह गणपति बप्पा मोरया,मंगलमूर्ति मोरया-गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आना” के जयकारों के साथ झरोली गांव समीप बहती नदी एंव तालाब के पास जाकर बड़े ही हर्षोल्लास के साथ उनकी प्रतिमा को8 पुरी श्रद्धा भक्ति के साथ आरती किया और सभीने मिलकर मंत्रोउच्‍चारण के जरिये प्रार्थना की और उसके बाद भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा को विसर्जन किया.!
इस अवसर सोसाइटी प्रमुख सुनिलभाई पटेल,उपप्रमुख राजुभाई(हरिशंकर), कमिटी सचिव डि डि गुप्ता,कमिटी सहसचिव मुरली पांडे,कमिटी कोषाध्यक्ष करण बहादुर कार्की,सल्लाहकार योगीभाई,मुनाभाई,मयूरभाई पटेल,नरेशभाइ और कमिटी के विशेष अतिथि मयंकभाई भंडारी आदि कहा हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार गणेश चतुर्थी का महोत्सव पूरी श्रद्धा के साथ मनाने से व्यक्ति के घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। और भगवान गणेश जहां पर भी विराजते हैं वहां धन, संपत्ति, सुख और संपदा स्वयं ही चली आती है। गणपति विसर्जन के संदर्भ में अलग-अलग लोगों व राज्‍यों में मान्‍यताऐं भी अलग-अलग हैं,
ऐसी मान्‍यता है कि इस गणपति उत्‍सव के दौरान लोग अपनी जिस किसी भी इच्‍छा की पूर्ति करवाना चाहते हैं, वे अपनी इच्‍छाऐं, भगवान गणपति के कानों में कह देते हैं। फिर अन्‍त में भगवान गणपति की इसी मूर्ति को विसर्जन के दिन बहते जल, नदी, तालाब या समुद्र में विसर्जित कर दिया जाता है ताकि भगवान गणपति इस भूलोक की सगुण साकार मूर्ति से मुक्‍त होकर निर्गुण निराकार रूप में देवलोक जा सकें और देवलोक के विभिन्‍न देवताओं को भूलोक के लोगों द्वारा की गई प्रार्थनाऐं बता सकें, ताकि देवगण, भूलोकवासियों की उन इच्‍छाओं को पूरा कर सकें, जिन्‍हें भूलोकवासियों ने भगवान गणेश की मूर्ति के कानों में कहा था। उन्होंने कहा की माना जाता है कि जब गणेश जी की मूर्ति को विसर्जन के लिए बाहर ले जाया जाता है तो वह अपने साथ घर की विभिन्न बाधाओं को भी दूर कर देती है और विसर्जन के साथ-साथ इन बाधाओं का भी नाश होता है। फिर इनों ने यह भी कहा की गणेश विसर्जन कार्यक्रम आपको अहंकार के विसर्जन, आकृति में सत्यता के विसर्जन, राग-द्वेष के विसर्जन का संदेश देता है। बीते हुए का शोक न करो। जो चला गया वह चला गया। जो चीज-वस्तु बदलती है उसका शोक न करो। आने वाले का भय न करो। वर्तमान में अहंकार की, नासमझी की दलदल में न गिरो। तुम बुद्धिमत्ता बढ़ाने के लिए ʹૐ गं गं गं गणपतये नमःʹ का जप किया करो और बच्चों को भी सिखाओ। बिल्कुल सुंदर व्यवस्था हो जायेगी ! और उन्होंने यह भी कहा की हे गणेश भगवानजी इस बार ऐसी कृपा करना की..सबके सुख आपके पेटकी तरह बड़े हो-और-सबके दुख आपके मूषक से भी छोटे हो…सबकी ज़िन्दगी आपके सूंड जैसे लंबी हो और सबके बोल आपके मोदक जैसे मीठे हो..बप्पा इस कामनासे आप विदाई लो, सभीके जीवनमें खुशियाँ, सम्मृधि बनी रहे, सबको खूब सफलता मिले और खूब प्रगति करे—गणपति बप्पा मोरया -मंगलमूर्ति मोरया –अगले बरस तू जल्दी आना -आस्था का प्रतीक गणेश महोत्सव की सातवें दिन की गणपति मूर्ति विसर्जन के लिये नदी एंव तालाव मे शांति पूर्ण पुलिस की कड़ी सुरक्षा में फायर ब्रिगेड के जवान भी मौजुदगी मे सम्पन्न हुआ।
गणेश चतुर्थी का महोत्सव पर्व 31 अगस्त 2022 से लेकर 9 सितंबर तक मनाया जाएगा. सबसे पहले इस पर्व की शुरुआत राजा-महाराज से हुई लेकिन आज देश भर में गणेश चतुर्थी का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है..मान्यता है कि पूरी श्रद्धा और सच्चे मन से भगवान गणेश की पूजा अर्चना करने से वह भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं!!
गणपति बप्पा की बप्पा की विदाई एंव भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा की विसर्जन बाद एकता पार्क सोसाइटी मे संध्याकाल मे साढ़े सौ अधिक श्रद्धालुओं को महाभोजन एंव महाप्रसाद ग्रहण कराया इस अवसर पर श्रीमति हिनाबेन पटेल,सुश्री नंदनी झा,सूची पांडे,रोशन झा,मोहन गुप्ता,मंटूभाई पटेल,बबलूभाई,प्रतिक पांडे,रुपलाल भाई,निलेश,सिद्धकी भाई,जियाउ खान सहित तमाम एकता पार्क के सदस्यगण और श्री गणेश भगवान के सैकड़ों भक्त गण शामिल रहे।

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