हेरेंबा इंडस्ट्रीज द्वारा दिव्यागों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास,VIA ऑडिटोरियम में दिव्यागों के लिए निःशुल्क कृत्रिम हाथ,पैर,व्हीलचेयर,बगल घोड़ी जैसे साधनों का वितरण कैम्प का आयोजन किया……

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तपोवन,संजान:भारत देश की जानीमानी रत्न निधि चैरिटेबल ट्रस्ट संस्था के सहयोग से आयोजित तीन-दिवसीय कैम्प के दूसरे दिन बड़ी संख्या में दिव्यागों ने अपने पुराने केलिपर्स के जयपुर फुट के बदले नए लेने को उपस्थिति बताई।
वलसाड़ जिला के वापी GIDC और सरिगॉव GIDC में अव्वल केमिकल उद्योग के तौर पर पहचाने जानेवाली हेरेंबा इंडस्ट्रीज द्वारा उनके CSR फण्ड के अनुसंधान में वापी के VIA ऑडिटोरियम में दिव्यागों के लिए निःशुल्क कृत्रिम हाथ,पैर,व्हीलचेयर,बगल घोड़ी जैसे साधनों का वितरण कैम्प का आयोजन किया गया,कैम्प में दूसरे दिन वलसाड़ जिला के अलावा नवसारी,सूरत,डांग,सिलवासा से भी बड़ी संख्या में दिव्यागों ने उपस्थिति बताई,जिन्होंने बताया था कि कोरोना काल मे उन्हें ऐसे कैम्प का लाभ नही मिला जिस कारण उनके खराब हुए पुराने साधनों से ही अनेक आपदाओ को सहन करते हुए भी काम चलाना पड़ा था,अब इन साधनों के मिलने से कंपनी और संस्था ने उनको सांप्रत प्रवाह में फिर से चलता किया है,वापी GIDC और सरीगॉव GIDC में हेरेंबा इंडस्ट्रीज के चैयरमेन एस.के शेट्टी एवं MD आर.के शेट्टी के मार्गदर्शन में वापी के VIA ऑडिटोरियम में CSR फण्ड के अनुसंधान में तीन-दिवसीय कैम्प का आयोजन किया गया,कैम्प में आकस्मिक हाथ-पैर खोनेवाले तथा पोलियो जैसी बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को निःशुल्क कृत्रिम अंग तथा साधन देने का उद्देश्य है।
भारत की जानी-मानी रत्न निधि चैरिटेबल ट्रस्ट संस्था के सहयोग से आयोजित इस तीन-दिवसीय कैम्प के दूसरे दिन बड़ी संख्या में दिव्यागों ने अपने पुराने केलिपर्स के जयपुर फुट के बदले नए लेने को उपस्थित रहे थे,कुछ लोग पहली बार इन साधनो का उपयोग कर लाभ लेने को उपस्थित हुए थे,जिन्होंने कंपनी के इस सराहनीय काम की प्रशंसा की।
कैम्प में नवसारी से आए लखन रादडिया और पत्नी नीता रादडिया ने खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि,इस कैम्प में उनके जैसे अन्य दिव्यांग भी आए हुए है,जिनको लाने और छोड़ने के लिए कंपनी ने व्यवस्था की है एवं यहाँ कैम्प में तमाम साधन निःशुल्क दिए जा रहे है,पोलियो ग्रसित इस दंपती ने हेरेंबा इंडस्ट्रीज और रत्न निधि ट्रस्ट का आभार मानते हुए कहा कि उनको पहले जो केलिपर्स मिलते थे वह टेक्नोलॉजी के हिसाब से उतने उपयोगी नही थे जितने आजकी टेक्नोलॉजी के केलिपर्स उपयोग में आ रहे है,संस्था की यह अच्छी कामगिरी ने उनके जैसे अनेक दिव्यागों को आजके सांप्रत प्रवाह में फिर से खुदके पैरो पर चलने को सहारा दिया है।
आज की लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से तैयार किए गए जयपुर फूट,केलिपर्स,व्हीलचेयर,बगल घोड़ी जैसे साधन निःशुल्क दिए गए,सिलवासा से पीयूष देसाई नामक दिव्यांग अपनी पत्नी के साथ आए हुए थे,अकस्मात में अपने पाँव खोनेवाले सुमनभाई पटेल ऊनाई से आये हुए थे,महेश बाबरिया नामक पोलियो से पीड़ित युवक सूरत से आए हुए थे,तो बैल गाड़ी में पाँव आने के कारण अपने पाँव खोनेवाले एक वडील नवसारी से आए हुए थे,जिनके साथ और बहोत सारे दिव्यांग भी उपस्थित रहे थे।
सभी लोगो ने हेरेंबा इंडस्ट्रीज तथा रत्न निधि चैरिटेबल ट्रस्ट का आभार माना,तभी सबकी आंखों से आँसू छलक पड़े,उनको रेलवे में उप-डाउन करने के वक़्त तथा रोज के काम-काज में जुने और जर्जरित केलिपर्स,जयपुर फुट में भारी मुसीबतों का सामान करना पड़ रहा था,कुछ लोगो की पत्नियां भी पोलियो ग्रसित होंने के कारण घर के कामो में मुसीबतों का सामना करना पड़ता था,कुछ बच्चे भी पोलियो ग्रसित है,अकस्मात में हाथ-पाँव खोनेवाले शिक्षा में और इत्तर प्रवृत्ति में परेशानी का सामना कर रहे थे,इन तमाम लोगो को नए केलिपर्स,नए जयपुर फूट,व्हीलचेयर,बगल घोड़ी तथा अकस्मात में हाथ खोनेवाले व्यक्तियों को आर्टिफिशियल हाथ सहित तमाम साधन निःशुल्क मिलने से उनके चेहरे पर खुशी का भाव प्रगट होते देखने मिला।
इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री रमन पाटकर ने इस कार्यक्रम की तहे दिल से प्रशंसा की,कंपनी के चैयरमेन एस.के शेट्टी तथा MD आर.के शेट्टी ने उपस्थित लोगों का आभार माना,इस कार्यक्रम को सफल बनाने में हेरेंबा इंडस्ट्रीज के स्टाफ ने काफी महेनत की,इस कार्यक्रम में हेरेंबा इंडस्ट्रीज के मैनेजर रूपेश वेगड़ा सहित पूरे स्टाफ उपस्थित रहा।

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