यदि हम चाहते हैं कि भारत विश्व का नंबर एक देश बने, भारत एक समृद्ध देश बने, भारत विश्व गुरु बने, तो यह केवल भाषणों से संभव नहीं होगा, सबसे पहले हमें शिक्षा नीति में सुधार लाना होगा: अरविंद केजरीवाल

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तपोवन, संजान : आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के माननीय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी एक बार फिर गुजरात पधारे। अरविंद केजरीवाल जी दोपहर 2 बजे भुज एयरपोर्ट पधारे थे। एयरपोर्ट पर आम आदमी पार्टी के नेशनल जॉइंट जनरल सेक्रेटरी इसुदान गढवी और गुजरात प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया ने अरविंद केजरीवाल जी का गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट से निकलकर अरविंद केजरीवाल जी सेवन स्काई क्लार्क्स एक्सोटिका हॉल पहुंचे। यहाँ से अरविंद केजरीवाल जी गुजरात की जनता को एक ओर गारंटी देंगे।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के माननीय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी ने भुज में टाउन हॉल कार्यक्रम में जनता को संबोधित करते हुए कहा कि जब यहां आने की बात हुई तो सभी ने पूछा कि आज आपका जन्मदिन है तो आप कैसे आ पाएंगे? मैंने कहा कि दिल्ली में हर साल हम जन्मदिन मनाते हैं, इस बार हम गुजरात में जन्मदिन मनाएंगे। यहां आने के बाद जनता से मिले प्यार और समर्थन के लिए मैं बहुत आभारी हूं। मुझसे पूछा गया कि अगर दिल्ली राजधानी है, तो वहां स्कूल बनाना आसान है, लेकिन आप गुजरात में कैसे बनाएंगे? मुझे उन्हें बताना है कि, दिल्ली की स्थिति पहले गुजरात की तरह ही थी, बीजेपी और कांग्रेस के लोगों ने 70 साल में दिल्ली में कोई काम नहीं किया है। हम आए हैं और उन सभी स्कूलों को ठीक कर दिया है, क्यों की हमको स्कूल थी करना आता है। दिल्ली में हमने जो करके दिखाया है हम गुजरात में भी करके दिखाएंगे।

एक युवक ने बताया कि, वह खुद सिर्फ 22 साल का है, उसकी काम करने की नहीं बल्कि पढ़ने की उम्र है। लेकिन उन्हें भाजपा के राज में काम करना पड रहा है। हम यह भी कहते हैं कि अगर बीजेपी और कांग्रेस ने 70-75 साल काम किया होता तो आम आदमी पार्टी बनाने की जरूरत नहीं पड़ती, बीजेपी कांग्रेस ने कुछ नहीं किया, इसलिए लोगों ने मजबूर होकर आम आदमी पार्टी बनाई है। गुजरात में शिक्षकों को पढ़ाने के अलावा और भी कई काम दिए जाते हैं, हमने इसे दिल्ली और पंजाब में बंद कर दिया है और गुजरात में भी बंद कर देंगे जब आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी, शिक्षकों को छात्रों को पढ़ाने के अलावा कोई और काम नहीं दिया जाएगा। हमारे देश में इन लोगों ने शिक्षा व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया है। मध्यमवर्गीय परिवार अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजते हैं लेकिन निजी स्कूल मालिकों ने उन्हें लूट लिया है। यूनिफार्म फीस, पिकनिक फीस, डेवलपमेंट फीस, लाइब्रेरी फीस जैसे काफी सारी चीजों के बहाने हर साल फीस बढ़ाई जाती है और सरकार इसके खिलाफ कुछ नहीं करती है। मैंने सुना है कि गुजरात में फीस को नियंत्रित करने के लिए एक कमेटी बनाई गई है लेकिन वह कमेटी कुछ नहीं कर रही है, सिर्फ प्राइवेट स्कूल ही फीस बढ़ाते हैं और कमेटी उस पर मंजूरी की मुहर लगाती रहती है।

माता-पिता केवल यह चाहते हैं कि उनके बच्चे अच्छे से पढ़ लिखकर आगे बढ़े, निजी स्कूलों में प्रवेश बहुत मुश्किल से मिलता है, इसलिए हर माता-पिता को मजबूर किया जाता है कि यदि वे स्कुल के खिलाफ कोई कार्रवाई करते हैं तो उनके बच्चे को स्कूल से निकाल दिया जाएगा और सरकार इस सब के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करती, कोई कदम नहीं उठाती और निजी स्कूल से पैसे कहते हैं। कई निजी स्कूल बड़े नेताओं के स्वामित्व में हैं इसलिए फीस कभी भी बढ़ा दी जाती है। गुजरात में करीब 44 लाख बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं और बाकी 53 लाख बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं और गुजरात में सरकारी स्कूल का क्या हाल है ये हम सभी जानते हैं। जो लोग बहुत गरीब हैं जिनके पास खाने के लिए पैसे नहीं हैं वे अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ने के लिए भेजने के लिए मजबूर हैं। सरकारी स्कूलों की हालत बहुत खराब है और यह केवल गुजरात की कहानी नहीं है बल्कि पूरे देश में यही स्थिति है, 70-75 साल में शिक्षा व्यवस्था का बेड़ा गर्क कर दिया है। यदि हम चाहते हैं कि भारत विश्व का नंबर एक देश बने, भारत एक समृद्ध देश बने, भारत विश्व गुरु बने, तो यह केवल भाषणों से संभव नहीं होगा, सबसे पहले हमें शिक्षा नीति में सुधार लाना होगा।

भारत तभी अमीर बनेगा जब भारत का हर नागरिक अमीर बनेगा और मेरा एक ही लक्ष्य है भारत के हर गरीब को अमीर बनाना। मैं आपको एक उदाहरण देना चाहता हूं, हमने दिल्ली में शिक्षा को मुफ्त कर दि है, हाल ही में गुजरात से 30-40 पत्रकार दिल्ली यह सोचकर आए थे की केजरीवाल गुजरात आते हैं और बड़ी बड़ी बाते करते है तो चलो उनका भांडा फोड़ देते हैं लेकिन वे वहां 2-3 दिन रहे और इतने खुश हुए कि उन्होंने मुझसे मुलाकात की और कहा कि विपक्ष चाहे कुछ भी कहे लेकिन आप शिक्षा और स्वास्थ्य में सराहनीय काम किया है। आज दिल्ली के सरकारी स्कूलों में गरीबों के, रिक्शा चालक, किसान, मजदूर के बच्चे पढ़ते हैं और डॉक्टर, इंजीनियर बनते हैं। मैं एक उदाहरण दूंगा, एक छात्र कुशल गर्ग है जो 12वीं कक्षा में पढ़ रहा था, उसके पिता एक कारपेंटर का काम करते हैं जो मुश्किल से 8-10 हजार प्रतिमाह कमाते हैं, उनका कहना है कि 7-8 साल पहले जब आम आदमी पार्टी की सरकार नहीं बनी थी मैं सोच भी नहीं सकता था कि मैं आगे कुछ कर सकता हूं। और अब वही कुशल गर्ग को डॉक्टरेट के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती हुआ है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में प्रवेश प्राप्त करना दुनिया में सबसे कठिन है और कुशल वहां भर्ती है, वह अब डॉक्टर बन जाएगा और उसका मासिक वेतन 3-4 लाख रुपये होगा, जबकि उसके पिता केवल 8-10 हजार कमाते हैं। इसलिए अच्छी शिक्षा से गरीबी को दूर किया जा सकता है। एक और उदाहरण है, एक छात्र के पिता प्लंबर का काम करते हैं और वह भी प्रति माह केवल 8-10 हजार कमाते हैं, आज वह छात्र IIT में कंप्यूटर साइंस में भर्ती है। मैंने खुद आईआईटी से पढ़ाई की है, मेरा खुद का एडमिशन कंप्यूटर साइंस में नहीं हुआ था। आप जरा सोचो, पूरे देश में किसी ने नहीं सोचा होगा कि गरीबों का एक बच्चा इतना पढ़ेगा, अगर गरीबों के बच्चे शिक्षित होंगे और आगे बढ़ेंगे, तो गरीबी दूर होगी, और गरीबी दूर होगी तभी भारत तरक्की करेगा और अमीर बनेगा।

पूरे भारत में 17 करोड़ बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं और उन 17 करोड़ बच्चों का भविष्य अंधकारमय है। अगर हम दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 18 लाख बच्चों का भविष्य उज्ज्वल कर सकते हैं, तो हम देश के 17 करोड़ बच्चों का भविष्य उज्ज्वल कर सकते हैं और गुजरात में 53 लाख बच्चों का भविष्य भी उज्ज्वल कर सकते हैं। अगर गुजरात में भी सरकारी स्कूलों को सुधारा जाए तो गुजरात का भविष्य चंद सालों में बदला जा सकता है और इस तरह गुजरात तरक्की करेगा, भारत तरक्की करेगा। दूसरे लोग केवल बड़ी बात करते हैं और कुछ नहीं करते।

दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र के कुछ महत्वपूर्ण काम किए हैं जैसे, दिल्ली में हमने सरकारी स्कूलों को इतना अच्छा बनाया है कि दिल्ली के 4 लाख बच्चे जो निजी स्कूलों में पढ़ रहे थे, उन्होंने अपना प्रवेश निजी स्कूलों नाम हटाकर सरकारी स्कूलों में दाखिल कर दिया है। पिछले साल दिल्ली में सरकारी स्कूलों का रिजल्ट 99.7% रहा था. तब निजी स्कूलों ने खूब गुंडागर्दी की, लेकिन हमने निजी स्कूलों में एक नियम लागू कर दिया कि फीस बढ़ोतरी की इजाजत नहीं है। हर निजी स्कूल का ऑडिट किया गया तो पता चला कि कई स्कूलों ने 30-40 हजार करोड़ रुपये की एफडी जमा की थी जो कि अवैध है। हमने निजी स्कूलों के लिए एक आदेश पारित किया, F.D को तुड़वाई और बच्चों के माता-पिता को फीस वापस करवाई। भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि बच्चों की फीस माता-पिता के बैंक खातों में लौटाई गई है। दिल्ली में जो किया गया वह गुजरात में भी होगा, इसलिए आज मैं गुजरात को शिक्षा के क्षेत्र में पांच गारंटी देने जा रहा हूं।

पहली गारंटी यह है कि गुजरात में हर बच्चे को अच्छी और मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। अगर आपके पास पैसा है और आप अपने बच्चे को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं तो पढ़ा सकते हैं लेकिन अगर आपके पास पैसे की कमी है तो आपके बच्चे की अच्छी शिक्षा के बीच पैसे की कमी कभी नहीं आएगी। आपके बच्चे को मुफ्त में सर्वोत्तम शिक्षा प्रदान करना हमारी गारंटी है। दिल्ली में हो चुका है, पंजाब में स्कूल ठीक करने की पूरी तैयारी चल रही है और गुजरात में भी यह किया जाएगा।

दूसरी गारंटी ही की, हम गुजरात में हर सरकारी स्कूल को दिल्ली की तरह शानदार बनाएंगे और बहुत बड़े पैमाने पर सरकारी स्कूल खोले जाएंगे। अब कई लोगों ने कहा कि कच्छ में स्कूल नहीं हैं, लेकिन हम बहुत बड़े पैमाने पर सरकारी स्कूलों का निर्माण करेंगे और मौजूदा सरकारी स्कूलों को शानदार बनाएंगे। दिल्ली के सरकारी स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लासरूम, ब्लैकबोर्ड, डेस्क इतना अच्छा हो गया है कि अब कोई निजी स्कूलों में नहीं जाना चाहता। हम गुजरात में भी ऐसा ही करेंगे, हम सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों से बेहतर बनाएंगे।

तीसरी गारंटी, दिल्ली की तरह, हम गुजरात में निजी स्कूल की फीस वृद्धि पर रोक लगा देंगे। सभी निजी स्कूलों का ऑडिट किया जाएगा, जिन लोगों ने अधिक फीस ली है, उन्हें वापस कर दिया जाएगा और फीस वृद्धि रोक दी जाएगी। कोई भी सरकारी स्कूल जो फीस बढ़ाना चाहता है उसे सरकार से अनुमति लेनी होगी। निजी स्कूलों ने जो गुंडागर्दी की है की किताबें और यूनिफार्म उनके वहा से ही खरीदने होंगे, हमने इसे दिल्ली में बंद कर दिया है और पंजाब में भी, हम इसे गुजरात में भी बंद करवा देंगे।

चौथी गारंटी यह है कि सभी प्रवासी शिक्षकों को स्थाई किया जायेगा, शिक्षकों की कमी को पूरा किया जाएगा। कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत कई शिक्षकों को स्थाई किया जाएगा। शिक्षकों को सम्मान दिया जाएगा। जब हम शिक्षकों को सम्मान देंगे, नौकरी की सुरक्षा देंगे, तभी वे हमारे बच्चों को अच्छी शिक्षा देंगे। रिक्त पदों की वर्तमान संख्या शिक्षकों द्वारा भरी जाएगी, नए सरकारी स्कूल जितने बड़े बनेंगे, शिक्षकों के लिए उतनी ही अधिक भर्ती होगी। स्कूलों में नए कर्मचारियों को भर्ती किया जाएगा। अगर हम बच्चों को अच्छी शिक्षा देना चाहते हैं तो हर 25-30 बच्चों पर एक शिक्षक होना चाहिए, इतने बड़े पैमाने पर शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।

पांचवीं गारंटी यह है कि शिक्षकों को बच्चों की शिक्षा के अलावा कोई दूसरा काम नहीं दिया जाएगा। हमने दिल्ली में शिक्षकों को दिए जाने वाले दूसरे काम को भी रोक दिया है और पंजाब में भी बंद कर दिया है और अब हम इसे गुजरात में भी रोकेंगे।

इसके अलावा मुझे बताया गया है कि कई शिक्षा सहायक हैं और उनके भी कई मुद्दे हैं जैसे TET समय पर नहीं होता है, TAT नहीं होता है, सर्टिफिकेट की समस्या होने पर भर्ती नहीं होती है। मेरा आपसे निवेदन है कि चुनाव के लिए केवल 3 महीने शेष हैं, जितने शिक्षाविद हैं, आप सब आम आदमी पार्टी का प्रचार करे और 3 महीने बाद सरकार बनने पर आपके सभी मुद्दों को हल करने की गारंटी देता हु। महिलाओं के पास उच्च शिक्षा की सुविधा नहीं है, उनके लिए उच्च शिक्षा की बेहतरीन व्यवस्था की जाएगी।

पिछले हफ्ते जब मैं गुजरात आया तो मुझे पता चला कि पुलिसकर्मियों के ग्रेड पे की मांग है, मैंने उनके ग्रेड पे के मुद्दे का समर्थन किया और फिर गुजरात सरकार जाग गई। लेकिन गुजरात सरकार ने समस्या का समाधान नहीं दिया, लॉलीपॉप दिया है. मुझे समझ नहीं आ रहा है कि हमारे अपने लोगों, पुलिसकर्मियों को ग्रेड पे देने में क्या गलत है? गुजरात सरकार ने ग्रेड पे नहीं दिया है लेकिन भत्ते में थोड़ा इजाफा किया गया है। मैं गुजरात पुलिस से गुजारिश करता हूं कि बीजेपी सरकार से भत्ता ले ले, मैं ग्रेड पे दूंगा।

आम आदमी पार्टी के नेशनल जॉइंट जनरल सेक्रेटरी इसुदान गढवीने कहा की, जब जब घरती पर पाप बढा है, लूंट बढी है, गरीबो का खुन चुसा गया है तब ईश्वर ने गरीबो की चीख सुन ली है और अरविंद केजरीवाल जी जैसे को धरती पर भेजा है। आज हमारे लिए गर्व का दिन है क्योंकि राष्ट्रीय कन्वीनर और दिल्ली के लाखों बच्चों को शिक्षा दे के दुआ लेने वाले अरविंद केजरीवाल का आज जन्मदिन है। अरविंद केजरीवाल जैसे इन्सान सदीओ मे एक बार आते है। ऐसे ही इंसान क्रांतिवीर बनते है। महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल अपना सब छोड के आए थे, जो सब कुछ छोड के आता है उनका इतिहास लिखा जाता है। अरविंद केजरीवाल गुजरात मे आये है तो विरोधियों में खौफ का माहौल है। गुजरात नहीं लेकिन पुरा हिन्दुस्तान अरविंद केजरीवाल को एक उम्मीद के साथ देख रहा है।

इसुदान गढवी ने राजकोट मे एक होटेल पर बना हुआ एक किस्सा लोगो को सुनाया, में राजकोट से निकला और मुझे लोग पहचान गए। होटल पर एक नवविवाहित दंपति ने मुजे कहा की हमारी अभी शादी हुई है और हम चाहते है की जब हमारा बच्चा हो तब अरविंद केजरीवाल की सरकार हो और हमारा बच्चा उनकी स्कुल मे पढाई करे। गुजरात में 44 लाख छात्र प्राइवेट एज्युकेशन ले रहे है वह भी चाहते है की उनको भी दिल्ली की तरह अच्छी स्कूल मिले। हमारे बच्चे भी डॉक्टर, इंजीनियर बने लेकिन बदनसीब से उन्होंने जिनको पसंद किया वह व्यापारी निकले। उन्होंने अपनी ही स्कूल खोल दिए। लेकिन ईश्वर की इच्छा थी इसलिए रावण का अंत हुआ और भाजपा का भी अंत होगा। भाजपा हिंदुस्तान में किसी चेहरे से डरती है तो वो ये चहेरा है। पूरे हिंदुस्तान के बच्चों को पता है की हमारा मसीहा आ गया है और भाजपा की ताकत नहीं है की गुजरात में अब टिक पाए।

आम आदमी पार्टी प्रदेश प्रमुख गोपाल इटालियाने संबोधन करने से पहले गुजरातमे हुए गाय की मौत पर दो मिनिट का मौन रख के गाय को श्रद्धांजली अर्पित की थी। गुजरातमे गाय की मौत सरकार और भाजपा नेता की वजह से हुइ है। कोरोना मे भी मौत हुइ है, लठठ्कांड मे भी मौत हुइ है। आज तक सरकार मे बैठे हुए लोगोने संवेदना जताने का काम नहीं किया है। आम आदमी पार्टी एक ऐसी पार्टी है जो संवेदना या सहानुभूति जतानी हो या इन्सानियत का फर्ज अदा करना हो कभी भी चुकती नहीं है यह ख्याल अरविंद केजरीवाल के पास से मिलता है।में अरविंदीजी का आभार व्यक्त करता हुं की आज उनका जन्मदीन है फिर भी वह हमारी बात सुनने आए है। अरविंद केजरीवाल के केलेन्डरमे छुट्टी का कोइ वार नही है, छुट्टी की कोइ तारीख नहीं है, सभी तारीख काम के लिए है वह आज यहां उनकी उपस्थिति से मालुम होता है।

भाजपाने शिक्षा की हालत खराब कर दी है। स्कुल बंध कर दी है, प्राइवेट युनीवर्सिटी खोल दी है, कोलेजमे सुविधा नहीं है, सरकारी शिक्षक नहीं है और जो है उनसे दुसरा काम करवाया जाता है। स्कुल और शिक्षा व्यवस्था को एक जमाने से अंग्रेजों ने बर्बाद कर दिया था यह भी वैसे ही अंग्रेजो के भाइ है और गुजरात मे शिक्षा की हालत खराब कर रहे है। जो इन्सान पढा लिखा नहीं है वह आझाद नहीं है। विद्या हमे दुसरो पर आधिन रहने की गुलामी मे से मुक्ति दिलाने काम करती है।अरविंद केजरीवाल चाहते हे की सब को अच्छी शिक्षा मिले। स्कुल अच्छी होनी चाहिए। इन्सान किसी का गुलाम नहीं होना चाहिए। बुझुर्ग, बच्चे, महिलाएं, पिछडी जाती के लोगो संविधान मे उनके क्या अधिकार है वह नहीं पढ सकता तो वह इन्सान आझाद नहीं है। अरविंद केजरीवाल हमे आझादी दिलाने आए है। भाजपा तो वहीं चाहती है स्कुल बंध हो जाए। गांव मे स्कुल नहीं होने की वजह से सबसे ज्यादा बहन-बेटी को नुकसान होता है। गांव मे कोलेज नहीं होने की वजह जो बहन BCA, MBBS, इंजीनियरिंग करना चाहती है उनको मजबूरी में दुसरी डिग्री पढनी पडती है। जो खुद नहीं पढे वह हमारे लिए क्या युनीवर्सीटी बनाएगे, उसके लिए IIT पास अरविंद केजरीवाल की ही जरूरत है।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रदेश चुनाव प्रभारी गुलाब सिंह यादव, आम आदमी पार्टी के नेशनल जनरल सेक्रेटरी इसुदान गढवी, प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया, प्रदेश महामंत्री मनोज सोरठिया, प्रदेश कोषाध्यक्ष कैलाश दान गढवी उपस्थित रहे थे।

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