
तपोवन, संजान: धरमपुर तालुका पंचायत के अपक्ष सदस्य कल्पेश पटेल ने डांग शिबिर युवानो को गैरकानूनी तरीके से पकड़कर मार मारने को लेकर धरमपुर पी.एस.आई के जरिये से राज्य गृह मंत्री को लिखित में पत्र लिखा है।
लिखित पत्र में डांग जिला के सुबीर तालुका के टाँकलीपाड़ा और उमरपाडा के आठ युवान रंजीत रूमसी जाधव,मोहन हीरामन चौहान,गणेश भोये,शैलेश यशवंत वाघमारे,हरेश शिवा बरडे,राहुल जानु पवार,कल्पेश योगेश गायकवाड़,रोहित राजू पवार यह सभी युवक कच्छ में अनार की वाडी में मजूरी करने गए थे,वहाँ से अपने गाँव डांग वापसी करते वक़्त अहमदाबाद के गीता मंदिर बस स्टैंड के पास रातको बस का इंतजार कर रहे थे ,तभी वहाँ पर उपस्थित एक पुलिस कर्मी और दो सेक्युरिटी गार्ड द्वारा उनकी बेग चेक की गई,बेग चेक करने के दौरान अनार काटने के लिए साथ मे ले गई कैंची उनके बेग से प्राप्त हुई।
युवकों के बैग से कैंची मिलने के बाद मजूर आदिवासियों पर आरोप लगाया गया कि तुमलोग दाऊद गैंग के सदस्य हो ऐसा बोलकर सबको पुलिस चौकी ले जाया गया,जहाँ पर उन सभी युवकों के कपड़े निकालकर कर उनको बुरी तरह से पिटा गया।
यह घटना बहुत ही शर्मनाक है,इस घटना से आदिवासी समाज को बहोत ही ठेंस पहोंची है,आदिवासी समाज मे इस घटना को लेकर काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है,इस घटना को मद्देनजर रखते हुए धरमपुर पुलिस चौकी में कल्पेश पटेल नामक राजकारणी आगेवान ने शिकायत की है।
अहमदाबाद पुलिस द्वारा पीटने के बाद युवकों को गंभीर चोटें आई है ,जिस कारण युवकों का आहवा के अस्पताल में इलाज चल रहा है।
तो क्या अब इन पुलिस कर्मियों पर सरकार कोई कारवाई करेगी या फिर इस घटना को अनदेखा कर दिया जाएगा?




