तपोवन,संजान:दमन सायबर टीम ने झारखंड के 4 अपराधियों को पकड़कर साइबर अपराधी गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
दी.22/03/2022 को नानी दमन थाने में एक शिकायत प्राप्त हुई,शिकायतकर्ता ने बताया कि दी.15/03/2022 को उन्होंने गूगल खोज पर अपना सिबिल स्कोर खोजा,उसके थोड़ी देर बाद एक अज्ञात शख्स द्वारा उन्हें कॉल आता है और उस शख्स द्वारा शिकायतकर्ता को सिबिल स्कोर खोजने में मदद करेगा ऐसा आश्वासन दिया जाता है,इसके बाद अज्ञात शख्स द्वारा शिकायतकर्ता को एक (any desk) नामक एप्प डाऊनलोड करने को कहा जाता है और शिकायतकर्ता यह एप्प अपने मोबाइल में डाऊनलोड करते है,जैसे ही शिकायतकर्ता द्वारा यह एप्प डाऊनलोड किया गया उसके बाद तुरंत ही उसके खाते से पैसे कटने लग जाते है,देखते ही देखते अचानक शिकायतकर्ता के खाते से 3,68,415 रुपये की राशि कट जाती है।
बैंक खाते से पैसे कटने के बाद शिकायतकर्ता बैंक में पूछताछ करने जाते है तब उन्हें बैंक के कर्मचारी द्वारा बताया जाता है कि उनके खाते से फ्लिपकार्ट ओर फ्री-रीचार्ज पर लेनदेन हुआ है,जब कि इसकी जानकारी शिकायतकर्ता को बिल्कुल भी नही थी।
यह सुनने के बाद ताबड़तोड़ शिकायतकर्ता ने नानी-दमन पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज करवाई,नानी-दमन पुलिस द्वारा FIR नंबर.23/2022 भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया गया,और आगे को तफ्तीश प्रारंभ की गई।
बैंक खाते से अवैध अनाधिकृत लेनदेन की शिकायत प्राप्त होने पर दमन साइबर पुलिस टीम ने तुरंत ही फ्लिपकार्ट पर 1,29,900 रुपये के धोखाधड़ी लेनदेन की पहचान की ओर त्वरित कार्रवाई के कारण शिकायतकर्ता के बैंक खाते में अवैध रूप से लेनदेन किये गए धन को वापस शिकायतकर्ता के खाते में ट्रांसफर करवा दिया गया।
आगे की तफ्तीश शुरू करते हुए साइबर पुलिस की टीम ने फ्लिपकार्ट के विवरण का विश्लेषण किया और झारखंड ,पश्चिम बंगाल जैसे दो अलग-अलग राज्यो में आरोपियो के स्थानों की पहचान की,जिसमे लगभग 270 की.मी. की दूरी थी,जिसमे कोई स्थिर स्थान नही था।
साइबर टीम कोलकाता पहोंची ओर 600 मीटर(अपराधियों के हॉटस्पॉट) के क्षेत्र में फैली,लगभग 50 इमारतों में एक तकनीकी तलाशी अभियान शुरू की और बरामदगी के साथ इस अपराध में शामिल 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इन अपराधियो के पास से 14 मोबाइल फ़ोन,1 लैपटॉप ओर 36 सिमकार्ड (विभिन्न साइबर अपराधों में प्रयुक्त) साइबर टीम ने बरामद किए।
इस गैंग की कार्यप्रणाली कुछ इस प्रकार की थी
1-विभिन्न कंपनियों (ऋण उद्देश्य के लिए सिबिल स्कोर)और बैंको(ग्राहक सेवा)के ग्राहक सेवक रूप में गूगल खोज पर धोखाधड़ी के नंबर अपलोड किए गए।
2-विभिन्न आकर्षक प्रस्तावों जैसे नकद इनाम,लॉटरी आदि के माध्यम से पीड़ित को लुभाना ओर पीड़ित से मिर्रोरिंग एप्लिकेशन डाऊनलोड करवाना, जैसे anydesk एप्प पीड़ित के मोबाइल तक पहोचने के लिए डाऊनलोड करवाया था।
चारो के चार अपराधी 22 से 26 साल की उम्र के है और चारो झारखंड देवगढ़ जिला के रहने वाले है ओर साइबर टीम ने इन अपराधियों को पश्चिम बंगाल राज्य के कोलकाता जिले में गांव केस्टोपुर,कॄष्णापुर से गिरफ्तार किया है।




