
तपोवन,संजान:वलसाड जिले के भगदावाड़ा कोसंबा रोड पर बजरंगदास बापा की मधुली के कल्याणार्थ आयोजित कथाकार प्रफुलभाई शुकल की 819वीं रामकथा का आज धूमधाम से शुभारंभ हुआ.पोठियात्रा का संचालन हेतलवबेन कौशिकभाई टंडेल ने मुख्य मेजबान कौशिकभाई नानूभाई टंडेल के आवास से किया।इनमें कलशधारी बहनें, महिला मंडल, भगदवाड़ा गांव की नेता और वाजा वजेंद्र शामिल।कथा नु दीप प्रज्ञा रामजी मंदिर कोसंबा के महंत 108 श्री किशोरीदासजी महाराज, रणछोड़राय मंदिर महंत श्री हरिदास महाराज दासी वरद हाथ से किया गया था।पूज्य किशोरीदासजी महाराज ने आशीर्वाद दिया।तेज कंस्ट्रक्शन के कौशिकभाई टंडेल ने अतिथियों का स्वागत किया।सुतीक्षान-स्तुति से रामकथा की शुरुआत करने वाले कथाकार प्रफुलभाई शुकल ने कहा कि भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त और अगस्ता ऋषि के शिष्य सुतीक्षानजी की स्तुति रामकथा में बहुत शानदार है।जिस पर राम की कृपा है, उस पर सारा संसार कृपा करता है,यह भजन पू. बजरंगदास बापा को बहुत प्रिय था।यही है सुतीक्ष्ण स्तुति का सार है।819 कहानियों में पहली बार इस रामकथा में बापा की मधुली की भलाई के लिए सुतीक्षान भजन गाए जा रहे हैं।हाथ से दिया गया उपहार और मुंह से लिया गया भगवान का नाम कभी नहीं जाता, परिणाम अवश्य मिलता है।9 दिवसीय रामकथा दोपहर 2 से 5 बजे तक निर्धारित है।



