वलसाड जिले के उमरगाम तालुका और GIDC क्षेत्र में मानसून की शुरुआत के साथ अब तक करीब 9 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। भारी बारिश और तूफानी हवाओं के कारण कई बड़े पेड़ गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हुई। इस पावर कट का सीधा असर GIDC क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों के उत्पादन पर पड़ा है, जिससे उद्योगपतियों में चिंता का माहौल है।
इसी मुद्दे को लेकर उमरगाम इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (UIA) के अध्यक्ष नरेश बंथिया और नोटिफाइड क्षेत्र के चीफ ऑफिसर सहित अधिकारियों ने DGVCL और GETCO के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में प्री-मानसून मेंटेनेंस कार्यों और बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
UIA अध्यक्ष नरेश बंथिया ने कहा, “मार्च से जून के बीच हमने बार-बार DGVCL को समय रहते प्री-मानसून तैयारी पूरी करने की अपील की थी। वर्तमान में GIDC और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही पावर कट की समस्या का समाधान अगले 4-5 दिनों में किया जाए, ऐसी हमारी मांग है। उद्योगों की ओर से इस कार्य में पूरा सहयोग दिया जाएगा।”
DGVCL के अधिकारियों ने बताया कि मानसून की शुरुआत के साथ ही तेज़ बारिश और हवाओं से पेड़ों के गिरने के कारण बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचा है, जिससे औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति बाधित हुई है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि शेष मेंटेनेंस कार्य को जल्द पूरा करके बिजली आपूर्ति की समस्या का समाधान किया जाएगा और किसी को भी असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।
इस बैठक में उद्योगों और बिजली कंपनियों के बीच सहयोग की भावना के साथ समस्या के शीघ्र समाधान के लिए प्रतिबद्धता जताई गई। आने वाले दिनों में बिजली आपूर्ति स्थिर हो, ऐसी आशा उद्योगपतियों और ग्रामीणों ने व्यक्त की।
इस बैठक में UIA सचिव समेत अन्य सदस्य, नोटिफाइड क्षेत्र के चीफ ऑफिसर महेश कोठारी, DGVCL और GETCO के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने आपसी तालमेल और सहयोग से कार्य करने का संकल्प लिया।




