तपोवन, सूरत : गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी के सूचना के अनुसार गरीब तथा जरूरियातमंद लोगो को दिए जानेवाला अनाज का कौभाँड करने वाले आरोपियों को पकडने के लिए समग्र केस को बारीक़ी से जांच करने के लिए SIT की रचना की गई थी.
अनाज की बोरियों से 2-3 किलोग्राम अनाज निकालकर परवानेदारो को डिलीवरी चालान से कम अनाज देकर समग्र कौभाँड किया गया.
सचिन गोदाम मैनेजर प्रीति चौधरी तथा DSD(डोरस्टेप डिलीवरी) इजारदार राकेश पारसनाथ ठाकुर की भूमिका इस समग्र कौभाँड में मुख्य जानने को मिली है.
इस समग्र कौभाँड में सरकारी अनाज गैर-कानूनी तरीके से खरीदी करने वाले आरोपी सुनील शर्मा पकड़ा गया,सस्ते भाव से अनाज लेकर दूसरी प्लास्टिक की गोनियों में भरकर अलग-अलग राइस मिलो में एवं व्यापारियों को बाजार के भाव से अनाज बेच दिया करता था.
सरकारी गोदाम में खुदकी बीवी की जगह कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर गोदाम से सरकारी अनाज की हेराफेरी करने के लिए झूठा डिलीवरी चालान बनानेवाले आरोपी धीरेन रावण की भी धरपकड़ हुई.
पकड़े गए दोनो आरोपी सुनील शर्मा और धीरेन रावण को ता.06/03/2023 तक पुलिस कस्टडी रिमांड की मंजूरी मिल गई है.
सूरत के सचिन की हद में आई हुई सरकारी अनाज के गोदाम से ता.27/10/2022 के दिन गेंहू के 450 कट्टे तथा MDM फोर्टिफाइड चावल के 950 कट्टे के साथ तीन ट्रक मिलकर कुल रू.3,87,500 का मुद्दामाल पकड़ा गया था,जिसमे सरकारी अनाज के गोदाम से सरकारी अनाज का लौट किसी भी प्रकार की इजाजत लिए बिना अक्षयपात्र फाउंडेशन मगोब,सूरत में ले जाने के लिए झूठा डिलीवरी चालान बनाकर उसका सही तरीके से उपयोग किया गया था,आरोपी पकड़े जाने पर प्राथमिक जांच करने के बाद आरोपियों के सामने ता.08/11/2022 के दिन सचिन पुलिस स्टेशन में गुनाह दाखिल किया गया था.
इसके अलावा इस गैंग ने सचिन सरकारी अनाज गोदाम के नाम से झूठे डिलीवरी चालान/बिल बनाकर,गलत हिसाब बताकर व्याजबी भाव की दुकानों के परवानेदारो को मिलनेपात्र स्टॉक भरपूर प्राप्त हुआ है ऐसा बताया गया है,इस अनाज लौट से रू.8.32 लाख गेंहू का 2700 क्विंटल स्टॉक की हेरीफेरी करके गोलमाल करदिया गया तथा चावल,शक्कर,नमक ऐसे कुल मिलाकर 7606 क्विंटल और चना (MDM) 62 किलोग्राम के साथ कुल 1.28 करोड़ से भी ज्यादा कीमत का स्टॉक परवानेदारो को डिलीवरी चालान के मुताबिक पूरा स्टॉक नही भेजकर गोदाम में जमा रखा गया था पुलिस को जब यह बात ध्यान में आई तो सचिन पुलिस स्टेशन में गुनाह दाखिल करलिया गया.
गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने राज्य सरकार द्वारा गरीब तथा जरूरियातमंद लोगो को मुफ्त एवं व्याजबी कीमत में दिए जानेवाले अनाज की हेराफेरी वाले कौभाँड को गंभीरता पूर्वक ध्यान दिया और सूरत शहर पुलिस कमिश्नर को इस केस में बारीकी से जाँच करने तथा इस कौभाँड में मिले हुए प्रत्येक आरोपियों को पकड़कर कड़क कारवाई करने का आदेश दिया,इस गुनाह की गंभीरता को ध्यान में रखकर गुनाह की जड़ों तक पहोचने के लिए SIT(स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम)की रचना की गई एवं समग्र जांच सूरत शहर क्राइम ब्रांच को सौंपी गई,जिसमे उपरोक्त दोनों गुनाहों में मिली हुई गोदाम की मैनेजर प्रीति मनुभाई चौधरी सहित कुल 7 आरोपियों की धरपकड़ हुई.
इस गुनाह की जांच के दरमियान सचिन गोदाम मैनेजर प्रीति चौधरी तथा DSD (डोर स्टेप डिलीवरी)इजारदार राकेश पारसनाथ ठाकुर की भूमिका समग्र सरकारी अनाज की हेराफेरी करनेवालों मे से मुख्य आरोपी के तौर पर बताई गई,इन दोनो ने इस गुनाह में पकड़ाये अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर राज्य सरकार द्वारा गरीब तथा जरूरियातमंद लोगो को मुफ्त तथा व्याजबी कीमत में दिए जानेवाले अनाज की गोनियो मे से 2 से 3 किलोग्राम तक अनाज निकाल लेते थे तथा सरकारी परवानेदारो को डिलीवरी चालान के मुताबिक पूरा अनाज न देकर अनाज गोदाम में जमा रखकर अन्य गोनियों में भरकर सह-आरोपियों के जरिए बेच दिया करते थे.
सूरत क्राइम ब्रांच द्वारा उपरोक्त गुनाहों की बारिकता से जांच की गई तब यह समग्र कौभाँड में सरकारी अनाज गैर-कानूनी तरीके से आरोपी सुनील भगवतीलाल शर्मा(प्लॉट नंबर. बी-6,अनुपार्क सोसाइटी, गाँधीरोड बारडोली सूरत) की धरपकड़ की गई,आरोपी सुनील द्वारा सचिन गोदाम की मैनेजर प्रीति चौधरी और अन्य आरोपियों के पास सस्ते भाव से अनाज खरीदकर अनाज की गोनिया बदलकर अन्य प्लास्टिक की गोनियों में भर देते थे एवं अलग-अलग राइस मिलो में तथा व्यापारियों को बाजार के भाव से बेच दिया करता था,इस कौभाँड द्वारा करोड़ो रुपिये का आर्थिक लाभ लेकर आंगडिया द्वारा व्यवहार सह-आरोपियों तक पहूंचता था ऐसा जांच में पता चला है,इतना ही नही यह आरोपी पहले भी साल-2021 में नवसारी रुरल पुलिस स्टेशन में गैर-कानूनी तरीके से अनाज ट्रक में भरकर ले जाते हुए पकड़ा जा चुका है.
सचिन के सरकारी गोदाम में खुदकी पत्नी की जगह कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर नौकरी कर गोदाम से सरकारी अनाज की हेराफेरी करने के लिए डुप्लीकेट चालान बनानेवाला आरोपी धीरेन विठलभाई रावल(घर नंबर.14,नरसिंह नगर सोसाइटी जेराम मोरार की वाड़ी के पास कतारगाम,सूरत) की भी धरपकड़ कर ली गई है,धीरेन ने कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर गैर-कानूनी तरीके से नौकरी करते हुए इन कौभाँडो को अंजाम देने में अच्छी खासी मदद करता था ऐसा पता चला है.
इन दोनों आरोपियों को नामदार कोर्ट द्वारा तारीख़.06/03/2023 तक पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की गई है,इसकी आगे की जांच सूरत क्राइम ब्रांच की SIT कर रही है.



