
तपोवन, संजान : सोलसुम्बा के पूर्व सरपंच अमित मणिलाल पटेल के ऊपर गौचरण की जमीन पर गैर-कानूनी तरीके से दुकाने बनाने तथा बेचने का आरोप लगा है,इस मुद्दे पर जिला विकास अधिकारी ने जांच के आदेश दिए है और सोलसुम्बा के तलाटी क्रम मंत्री से जरूरी कागजातों की मांग भी की गई है.
दूसरी और पूर्व सरपंच अमित पटेल ने मीडिया में इंटरव्यू देते हुए कहा कि जिस जमीन पर दुकाने बनाई गई है वह गौचरण नही बल्कि गांवतल की जमीन है और साथ मे यह भी कहा कि ओवरब्रिज के काम से प्रभावित लोगों के लिए यह दुकाने हँगामी समय के लिए बनाई गई थी एवं इन दुकानों के खरीददारों को उनके पैसे मिलेंगे पर उसके लिए यह दुकानों की फिर से एक बार नीलामी की जाएगी और नीलामी के पैसों से जिन लोगो ने भी अपने पैसे वापस मांगे है उनको दिए जाएंगे.
अब बात करते है इन गैर-कानूनी दुकानों की तो इन महाशय ने अपने इंटरव्यू में बोल तो दिया है कि यह दुकाने हँगामी है,तो हँगामी दुकाने कितने समय के लिए बनाई जानी चाहिए और अगर दुकाने हँगामी समय के लिए बनाई गई है तो उसकी नीलामी कैसे की जा सकती है,अब चलो यह भी मान लेते है कि दुकानों की नीलामी की गई है तो फिर खरीददारों द्वारा अपने पैसे वापस मांगे जाने पर पंचायत द्वारा पैसे क्यों नही चुकाए जा रहे है?
कहीं यह पैसे अमित पटेल की तिजोरी में तो जमा नही?
अब बात करते है नीलामी की तो पूर्व सरपंच अमित पटेल का कहना है कि जिन खरीददारों ने अपने पैसे वापस मांगे है उनके पैसे वापस दिए जाएंगे मगर इन दुकानों की फिर से नीलामी होने पर जो फण्ड पंचायत में जमा किया जाएगा उसीसे इनके पैसे चुकाए जाएंगे.
अगर फिर से नीलामी की जाएगी तो फिर यह दुकाने हँगामी कैसे हुई? कोई यह भी समझाए भला,हँगामी दुकानों की नीलामी करने से जो फण्ड जमा होगा उसी फण्ड से अगर खरीददारों के पैसे चुकाए जाने है तो फिर जिन्होंने दुकाने खरीदी थी उनके पैसे पंचायत के फण्ड में अगर जमा नही है तो कहा जमा है?
पूर्व सरपंच अमित पटेल ने मीडिया में जिला विकास अधिकारी को चैलेंज भरा इंटरव्यू दिया है तथा यह भी कहा है कि 1264 सर्वे नंबर की जमीन सिद्ध करके बताएं,
पूर्व सरपंच अमित पटेल के कौभाँडो की नीतियां उमरगांव तालुका के विधायक रमन पाटकर के कानों से भी दूर नही,अब तो विधायक रमन पाटकर ख़ुद मैदान में उतर पड़े है,रमनभाई पाटकर का भी कहना यही है की लोगो के साथ न्याय हो तथा इस प्रकरण की बारिकता से जांच की जाए और दोषी को सज़ा होनी चाहिए,
आपको बता देते है कि कुछ महीनों पहले ही अमित पटेल 3 लाख रुपये की फिरौती में रंगेहाथ एसीबी द्वारा पकड़े गए थे और उन्हें डिप्टी सरपंच के पद से हटा दिया गया था एवं कुछ महीने के लिए उन्हें जेल भी काटनी पड़ी थी,
अब ऐसे में कैसे मान ले कि गैर-कानूनी दुकानों का बांधकाम अमित पटेल ने लोगो के भले के लिए किया होगा क्योंकि 5 साल पहले हँगामी दुकाने बनाई गई थी और कबतक हँगामी दुकाने यूँही चलती रहेंगी एवं लोगो के पैसे कब वापस चुकाए जाएंगे यह भी एक चर्चा का विषय है।




