बलसाड़ जिला के धरमपुर तालुका की स्मिता ने BSF में पोस्टिंग हासिल कर आदिवासी समाज और गाँव का नाम किया रोशन….

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तपोवन,संजान:बलसाड़ जिला में धरमपुर तालुका के बिलपुड़ी बेज फलिया में रहती आदिवासी समाज के रसिकभाई भोया और मयनाबहन की बेटी स्मिता को BSF में पोस्टिंग मिलने से गांव का नाम रोशन हुआ।
यह पोस्टिंग मिलने से महिला मंडल,बिलपुड़ी ओर ग्रामजनों द्वारा स्मिता के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में प्रगति महिला मंडल की प्रमुख वनिताबहन गावित ने स्मिता का पुष्पगुच्छ से सम्मानित किया और आदिवासी बेटी को देश की सेवा करने का अवसर मिलने पर गर्व का अनुभव किया।
स्मिता ने विकल्प के तौर पर BSF को पसंद करते हुए देश की सेवा करने के लिए जुनून बताते हुए अन्य युवतियों को भी प्रेरणा दी।
इस कार्यक्रम में निवृत्त सर्कल अफसर रमेशभाई गावित,गुजरात कामदार कल्याण बोर्ड के निवृत संचालक शंकरभाई गावित एवं बग़ायत शास्त्री चिन्मय गावित ने भी स्मिता को शुभकामनाएं देते हुए युवाओ ओर युवतियों को देश की सेवा करने के लिए प्रेरणा दी और गांव का गौरव बढ़ाने के बदले अभिनंदन किया।
स्मिता बिलपुड़ी गांव पहली बेटी है जिसने देश की सेवा करने के लिए BSF की पोस्ट पसंद की ओर पोस्टिंग करते हुए गांव का नाम पूरे देश में रोशन किया है,जो आदिवासी समाज और महिलाओं के लिए बहोत गर्व की बात है।
स्मिता ने प्राथमिक शिक्षण बिलपुड़ी बेज फलिये के प्राथमिक स्कूल में प्राप्त किया था,9 से 12 वी तक की शिक्षा आदर्श निवासी स्कूल बलसाड़ में प्राप्त किया,उसके बाद BRS कॉलेज कर सूरत यूनिवर्सिटी में MRS पूर्ण किया था,फिर पंजाब के होशियारपुर में BSF ट्रेनिगं सेंटर में एक वर्ष की तालीम ली,फिलहाल राजस्थान-गुजरात की सरहद पर उनका पोस्टिंग हुआ है।
स्मिता के माता-पिता खेती करके खुदका गुजरान चलाते है,एक वर्ष पहले ही खटाना के विनुभाई पवार के साथ उनकी शादी हुई थी,वह लोग भी खेतीबाड़ी करके अपने परिवार का भरणपोषण करते है,स्मिता ने अपने घर पर ओर ससुराल में खेतीबाड़ी के सारे काम किए है,स्मिता ने अपने कंधों पर 15 किलो का वजनदार पम्प लगाकर खेत मे सब्जियों पर दवाइयों का छँटकाव भी किया है,यही महेनत का काम उनको BSF की तालीम लेने के समय बहोत ही उपयोगी रही ऐसा स्मिता द्वारा बताया गया।

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