वृंदावन सोसाइटी में भंगार के गोदाम से आगजनी की आशंका,
हो सकता है जान -माल का भारी नुकसान, कलेक्टर के तत्कालीन आदेश के बावजूद रहवासी स्थानों पर फिर चल पड़ा कारोबार….

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तपोवन,संजान:सिलवासा में मंगलवार 5 अप्रैल को सिलवासा की पाश कालोनी वृंदावन सोसायटी के एक भंगार के गोदाम में लुहारी टाइम्स के प्रतिनिधि ने देखा कि वहां आग से केबल जलाकर तांबा निकाला जा रहा था,और वहां भारी मात्रा में प्लास्टिक का टूटा-फूटा सामान जिसमें प्लास्टिक के ड्रम,बाल्टियां,गत्ते के कटे-फटे कार्टून,रद्दी पेपर,प्लास्टिक की कटी-फटी थैलियों के अलावा अन्य ज्वलनशील सामग्री पड़ी हुई थी,जबकि दादरा नगर हवेली के कलेक्टर ने तत्कालीन रहवासी स्थानों पर भंगार का गोदाम बनाकर भंगार का कारोबार करने वाले भंगारियों पर कार्यवाही करते हुए आदेश जारी किया था कि रहवासी स्थानों से दूर ( रिंग रोड और उसके आसपास का क्षेत्र) शहर के बाहर भंगार के गोदाम संचालित किए जाएं।
उस समय बावीसा फलिया और रिंग रोड से भंगार गोदामों को हटवाकर इन क्षेत्रों को पूर्ण रूप से भंगार गोदामो के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था,किंतु पिछले कुछ महीनों से भंगार कारोबारियों ने फिर इन स्थानों पर अपने कारोबार को फैलाने का काम शुरू कर दिया है,जो बड़ी आगजनी का कारण बन सकते हैं और इनकी वजह से जान- माल का भारी नुकसान होने की संभावना है।
प्रशासन से मांग है कि नागरिकों की सुरक्षार्थ सभी रहवासी स्थानों से तत्काल प्रभाव से भंगार गोदामों को शहर की सीमा से बाहर किया जाए।
उल्लेखनीय है कि भंगार का कारोबार करने वाले बेकार और बेकाम खरीदे गए टीवी,कंप्यूटर, पंखे,मोटी इलेक्ट्रॉनिक केबल और अन्य इलेक्ट्रिक सामानों को जलाकर उनमें से तांबा,एल्यूमीनियम और रांगा जैसी धातुएं निकालते हैं जिसके कारण ना केवल प्रदूषण बढ़ रहा है,बल्कि गंदगी और बदबू फैलती है।
इसी के साथ भयंकर आगजनी के घटना की संभावना भी चौबीसों घंटे बनी रहती है। उल्लेखनीय है कि इन भंगार के गोदामों में भारी मात्रा में जूट,प्लास्टिक के बोरे,पुट्ठे के कार्टून,कागज की कतरन,पॉलीथिन और प्लास्टिक की बोतले,प्लास्टिक बाल्टी,टब और छोटे- बड़े प्लास्टिक के ड्रम भी होते हैं,जिनमें केमिकल या ऑयल या आइल पेंट चिपका रहता है।
यह सभी आइटम ज्वलनशील पदार्थ की श्रेणी में आते हैं जो तुरंत ही आग पकड़ लेते हैं और असावधानी पूर्वक आग जलाकर तांबा,एलुमिनियम और रांगा जैसी वस्तुओं को निकालने से भयंकर बदबू और काला गाढ़ा धुआं निकलता है,जिससे रहवासियों को सांस लेने में दिक्कत होती है। इसके कारण प्रदूषण भी बहोत बढ़ता है और साथ ही गंदगी भी फैलती है,तो इन धातुओं को अलग निकालने के लिए जलाई गई आग में से कोई कागज,गत्ता या प्लास्टिक की पोलिथिन उड़कर बिखरे हुए सामान में जा गिरती है तो आकस्मिक रूप से आग लग जाती है,कभी-कभी तो यह आग इतना विकराल रूप धारण कर लेती है कि रहवासियों को जान के लाले तक पड़ जाते हैं।
एसी ही एक घटना दमण में कुछ वर्षों पूर्व घटित हो चुकी है,जिसमेँ एक पिता और उसके डेढ़ वर्षीय पुत्र की भंगार गोदाम में लगी भीषण आग में जिंदा झुलसने और धुएं से दम घुटने के कारण दर्दनाक मौत हो गई थी।
आग इस कदर विकराल रूप धारण कर चुकी थी कि लोगों का हुजूम लाख कोशिशों के बावजूद उन्हें आग की लपटों से बाहर नहीं निकाल सका था।
दादरा नगर हवेली प्रशासन से अनुरोध है कि दमण में घटित इस हृदय विदारक घटना को ध्यान में रखते हुए भंगार गोदमों को तत्काल प्रभाव से रहवासी स्थानों से दूर शहर के बाहर ले जाए। सिलवासा स्थित बावीसा फलिया रहवासी क्षेत्र में ही लगभग 20 से अधिक भंगार गोदाम ऐसे गली-कूचों में है जहां आगजनी की घटना होने पर फायर ब्रिगेड की दमकलें भी आसानी से नहीं पहुंच सकती।
हाल ही में बावीसा फलिया के एक भंगार गोदाम में लगी आग प्रशासन के लिए अग्रिम चेतावनी है।

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