
तपोवन, संजान: उमरगॉव तालुका के तुम्ब गांव में आज सुबह सरिगॉव से जो पानी छोड़ा गया उसमे भारी मात्रा में केमिकल पाया गया,जिसके कारण हजारो मछलियों की मौत हुई ओर खेती को भी नुकसान पहोच ने आसार।
6/7 साल पहले भी ऐसा हो चुका है ओर सरपंच से बात करने पर पता चला कि कुछ साल पहले उन्होंने संकलन समिति को फरियाद भी की थी,यह प्रदूषित पानी सरिगॉव से आया है ओर तुम्ब के पांचाल फलिया में मछलियों को ज्यादा नुकसान हुआ है।
सूत्रों के अनुसार पता चला है कि सरिगॉव के छोटे-छोटे गटरों का पानी एक नहर में जमा होता है ओर उस नहर के पानी को टोकरखाडा नदी में छोड़ा जाता है ओर वह पानी तुम्ब गांव की टोकरखाडा नदी से होकर गुजरता है और खतलवाड होते हुए नरगोल गांव से गुजरकर समुद्र में चला जाता है।
अब सोचने वाली बात तो यह है कि छोटी-छोटी गटरों में प्रदूषित पानी और केमिकल आता कहा से है? ओर सरिगॉव की कंपनियो द्वारा अगर भारी मात्रा में केमिकल छोड़ा जा रहा है तो क्या इसकी जानकारी GPCB के अधिकारियों को हे?
सरिगॉव से तुम्ब,खतलवाड़ होते हुए नारगोल समुद्र में यह पानी समा जाता है जिसके कारण समुद्र किनारे जो लोग रहते है उनको काफी नुकसान होता है,ओर सरपंच द्वारा जानकारी दी गई कि लगभग 65000 लोगो की बस्ती को इस प्रदूषित पानी से नुकसान पहोच सकता है,साथ ही तालुका पंचायत सदस्य द्वारा भी इसका विरोध किया गया और तालुका विकास अधिकारी को इसकी फरियाद करेंगे ऐसा आश्वासन भी दिया।
मीडिया के माध्यम से तुम्ब गांव के सरपंच ओर तालुका पंचायत के सदस्य ने आज संदेश देते हुए अधिकारियों से बिनती की ओर तात्कालिक कड़क करवाई करने की मांग की,तो क्या अब आगे GPCB के अधिकारी और उच्च अधिकारी तात्कालिक इस मुद्दे पे करवाई करेंगे?क्योंकि यह घटना 6/7 वर्ष पूर्व भी हो चुकी है और इसकी फरियाद भी की जा चुकी है पर कोई करवाई अब तक नही हुई,अब GPCB के अधिकारियों को तात्कालिक पता लगाना चाहिए कि कोनसी कंपनी द्वारा यह केमिकल छोड़ा जा रहा है और उस कंपनी पर ताबड़तोड़ करवाई करनी चाहिए।





