अंतरराष्ट्रीय महिला दिन को 181 अभयम महिला हेल्पलाइन वलसाड जिला की सफलता पूर्वक कामगिरी

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तपोवन,संजान :गुजरात राज्य की विशेषता यह है कि सभी चीजों में पहल करते हुए लोगो तक सरलता से योजनाओं का लाभ पहोंचा सके ऐसे अनेक संवेदनशील निर्यण लिए जाते है,महिलाओं को घरेलु हिंसा सहित अनेक प्रकार की हिंसा जैसी मुश्किलों में तत्कालीक बचाव,मदद ओर सलाह दी जाती है,इसके अलावा सरकार ने महिलाओं को योजनाओं की जानकारी आसानी से मिल सके उसके लिए गुजरात सरकार ने महिला और बालविकास विभाग,गृह विभाग,राज्य महिला आयोग और GVK EMRI द्वारा संकलित तरीके से 8 मार्च 2015 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिन को राज्य में 181 अभयंम महिला हेल्पलाइन को शुरुआत की।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिन को गुजरात की जनता को श्री जशवंत प्रजापति, चीफ ऑपरेटिंग अफसर ने शुभेच्छा देते हुए बताया कि 181 अभयंम महिला हेल्पलाइन गुजरात सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण में बहोत ही महत्वपूर्ण सेवा साबित हो सकती है,इस इमेरजेंसी सेवा से कुछ ही समय मे तात्कालिक मुस्किल परिस्थितियों से एक सज्जन की तरह पीड़ित महिलाओं को मदद,मार्गदर्शन ओर बचाव हो सकता है और गुजरात की महिलाओं में विश्वास प्रस्थापित किया है।
आज के प्रसंग में गुजरात सरकार का आभार मानती 247 कार्यरत रहती 181 अभयंम महिला हेल्पलाइन टीम की संरहंना करते हुए बताया कि समग्र देश मे एक अभिनव हेल्पलाइन के रूप में प्रस्थापित हो चुकी है जिसको दिन प्रतिदिन अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है,महिलाओ की सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में गुजरात श्रेष्ठ गुणवत्ता का आदर्श राज्य बनने जा रहा है,अभयंम महिला हेल्पलाइन की खास विशेषता यह है कि महिलाओं के ऊपर हो रही घरेलू हिंसा या अन्य प्रकार की हिंसा ,दुर्व्यवहार या छेड़खानी जैसी घटनाओं के समय तत्कालीक बचाव और सलाह की सूचना कि कामगिरी हाथ मे लेते हुए मुश्किल परिस्थितियों में महिलाओं को तात्कालिक मददरूप बनती है। 108 की सेवा और टेक्नोलॉजी का उपयोग कर 247 घंटे सेवा सेवा देने को हेल्पलाइन कार्यरत की गई है.साल 2015 से 2021 के दरमियान 9,76,000 जितने जरूरियातमंद महिलाओ ने सर्विस कॉल किया था,जिसमे अति गंभीर घटनाओ ओर कम समय मे 2 लाख जीतने किस्सो में स्थल पर पहोचकर रेस्क्यू किया गया था,अन्य किस्सो में जरूरत के मुताबिक परिवारिक समाधान एवं सरकार की अन्य एजेंसियों में आगे की कारवाई हाथ मे ली गई।
साल 2021 में वलसाड जिला से 2265 सर्विस काल आई थी 583 किस्से में अभयंम रेस्क्यू टीम तात्कालिक स्थल पर पहोंचते हुए पीड़ित महिला का बचाव किया और मदद की गई।
433 केसों में कॉउन्सिलिंग द्वारा समाधान कर पारिवारिक शांति स्थापि गई थी,इसके अलावा घरेलू हिंसा के वैवाहिक जीवन मे विखवाद 174,गुम हुए-भूले हुए 08,मानसिक और शारीरिक परेशान 236,बिन जरुरी कॉल मैसेज से परेशान 18 ओर काम की जगह पर जातीय छेड़खानी 03,आत्महत्या के विचारों से मुक्ति 03 केस सफलता पूर्वक हल किये गए थे,इसके कारण गुजरात की महिलाओ के लिए आज 181 अभयंम महिला हेल्पलाइन एक सच्ची सहेलि बन चुकी है।

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