तपोवन,संजान :वलसाड तालुका के मुली गांव में, वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस वे में प्रभावित 44 परिवार, जो बेघर होने वाले हैं,आदिवासी समुदाय के लोगों के साथ, वलसाड कलेक्टर को एक आवेदन प्रस्तुत किया।स्थानीय लोगों के अनुसार विकास के नाम पर समाज के लोगों को विस्थापित किया जा रहा है।बेघर 44 परिवारों ने सरकारी अधिकारियों को अपनी इच्छा व्यक्त की, मुली गांव में जहां एक सरकारी जगह होगी वहा जगह आवंटित करने का प्रस्ताव था हम इस विभाग के अधिकारी से कहना चाहते हैं कि हम इस आदिवासी देश के मालिक हैं और हम भीख नहीं मांग रहे हैं।कुछ स्थानीय लोग इस जगह के आवंटन का विरोध कर रहे हैं।हमारे भगवान बाबा साहब ने हमें संविधान की ताकत दी है।जहां मुली गांव के सरपंच श्री उम्मेद भाई, जितेंद्रभाई पटेल बीटीएस अध्यक्ष श्री वलसाड,बीटीपी तालुका अध्यक्ष श्री वलसाड मयूरभाई पटेल, हिरेनभाई पटेल, आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता हर्षदभाई,जिगर भाई मुली, केयूरभाई और मुली गांव के नेता और योद्धा मौजूद थे ।आदिवासी समुदाय के अधिकारों के लिए लड़ने वाले योद्धा मौजूद थे। और धरमपुर के आदिवासी समुदाय उनके पक्ष में है।धरमपुर तालुका पंचायत आदिवासी निर्दलीय सदस्य कल्पेश पटेल पूरी तरह से मूली गांव के साथ इनके अधिकारों की लड़त में साथ रहे है ।





