28 जनवरी को पलसाना के वेरेली में एक साधारण घर की सफाई को लेकर हुई मारपीट में एक भतीजे ने अपनी 41 वर्षीय मौसी संगीता लोखंडे की हत्या कर दी थी।हालांकि भतीजे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन संगीता लोखंडे की हत्या के बाद उसके चार बच्चों को बेसहारा छोड़ दिया गया था.
हालांकि घटना के बाद जिला पुलिस अधिकारी उषा राडा ने दुर्घटनावश पीड़ित परिवार से मुलाकात लेते बच्चों की बुजुर्ग दादी ने जिला पुलिस प्रमुख के समक्ष बच्चों की परवरिश को लेकर चिंता जताई।
निराधार बच्चों को लेकर जिला पुलिस अधिकारी उषा राडाने कामरेज में कार्यरत सामाजिक संस्था वात्सल्य धाम के श्री वसंत गजेरा को पूरे मामले से अवगत कराया.उस समय वात्सल्य धाम के सर्वेक्षक वसंत गजेरा को तुरंत जिला पुलिस अधिकारी की बात से बच्चो को पढ़ाने ,रेहने खाने की जिम्मेदारी स्वीकार कर ली।
जनसेवा को हमेशा महत्व देने वाली और जनसेवा के लिए सदैव तत्पर रहने वाली जिला पुलिस अधिकारी उषा राडा और कड़ोदरा थाने के पुलिस निरीक्षक हेमंत पटेल चार बच्चों और एक बुजुर्ग दादी को वात्सल्य धाम संस्था में रख कर उत्कृष्ट मानवीय दृष्टिकोण दिखाया है।
वात्सल्य धाम संस्था कई वर्षों से कामरेज में कार्यरत है और 700 से अधिक गरीब, बेसहारा बच्चे यहां शरण लेकर पढ़ते रहे हैं। संस्था के सर्वोच्च श्री वसंत गजरा के कार्य की पुलिस अधिकारी ने प्रशंसा की।






