रविवार को दमण दीव के सांसद उमेश बाबू भाई पटेल ने दमण और वापी के कई जगहों का सघन दौरा किया, सुबह उन्होंने वापी में गुजारी तो शाम को उन्होंने दमण का रुख किया, सुबह सुबह दमण गंगा नदी तट और नामधा डंपिंग यार्ड के अवलोकन के बाद उन्होंने दुनेठा डंपिंग यार्ड की विजिट की, इस मौके पर उनकी नजर डंपिंग यार्ड की अव्यवस्था पर पड़ी, इस यार्ड में करीबन दो दर्जन मजदूर सपरिवार रहते हैं, जिनकी सेफ्टी की व्यवस्था अथॉरिटी ने नहीं की है, इसी यार्ड में मजदूरों के बच्चे भी खेलते है, इस यार्ड से उत्पन्न गंदगी और बोर के प्रदूषित पानी से इन लोगों को कोई भी घातक बीमारी हो सकती है, डंपिंग यार्ड में ट्रकों के ट्रकों कचरा कूड़ा आता है, जिसमें लोहा, कांच, धातु, सड़ी गली चीजें, प्लास्टिक, कील, ब्लेड और बेमतलब की चीजें शामिल है, बिना सेफ्टी के साधनों के जब ये मजदूर कचरे कूड़े की छंटाई करते है तो इनके चोटिल होने का बड़ा खतरा रहता है, अथॉरिटी द्वारा मजदूर को हेलमेट, ग्लब्ज, जूते और मास्क मुहैया नहीं कराए गए है, इससे उनकी जान जा सकती है, डंपिंग यार्ड में कार्यरत मशीनें काफी पुरानी और जंग लगी लग रही है, कई मशीनें तो बंद पड़ी है, इन्हीं मशीनों पर बिना सुरक्षा के मजदूर काम कर रहे हैं, डंपिंग यार्ड में जो ट्रक और डंफर काम में लगाए गए है उनमें से कई गाड़ियों की नेम प्लेट नहीं है तो किसी का दरवाजा टूटा पड़ा है सब भंगार गाड़ियों से कचरा कूड़ा ढोया जा रहा है, डंपिंग यार्ड की जमीन इतनी विषाक्त हो गई है कि वहां खुदे बोर का पानी भी पीले रंग का आ रहा है, इस यार्ड में कम्पोस्ट बनता है, सांसद उमेश बाबू भाई पटेल ने डंपिंग यार्ड के साइट इंचार्ज से कम्पोस्ट खाद का संपूर्ण ब्यौरा मांगा है, इस डंपिंग यार्ड की यात्रा किसी नरक से कम नहीं थी, इस साइट में पर्यावरण के नियमों की बड़ी बेदर्दी से उपेक्षा की जा रही है, इस पर अथॉरिटी को ध्यान देने और सुधार करने की आवश्यकता है, वरना एक दुनेठा की वायु, जल और जमीन तीनों कैंसर कारक बन जायेगी, इस यार्ड में कई पशु पक्षी भी देखे गए, पशु इस यार्ड में आकर प्लास्टिक एवं कई गंदी वस्तुएं खाती है, जिससे आए दिन पशु पक्षी मरते रहते है, दमन दीव सांसद उमेश पटेल इस विषय की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्यवाही करने के लिए अधिकारियों से भी बात चित की




