दमण और दीव के लोकप्रिय सांसद श्री उमेशभाई बाबूभाई पटेल ने भारत सरकार के आदरणीय गृह राज्य मंत्रीश्री नित्यानंद रायजी से शुभेच्छा मुलाकात की और उनसे स्थानीय ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर चर्चा की।

जिसमें दमण और दीव के मच्छीमारो की डीजल सब्सिडी का बकाया राशि को जल्द दिलवाने की रजुआत कि गई।
दमण और दीव के मच्छीमार / ख़लाशी को पाकिस्तान कि जेलों से जल्द से जल्द रिहाई के लिए निवेदन किया।
फिलहाल दमण के तट पर एक्ट 144 की धारा लागू कर दी गई है जिससे मछुआरों के छोटे-मोटे रोजगार ठप हो गए हैं तत्काल १४४ की धारा निरस्त करने के लिए अनुरोध किया है।
मेडिकल कॉलेज और डिग्री कॉलेज मे फैकल्टी को नियमित करने की मांग की.
यह भी प्रस्तावित किया गया है कि सरकारी अस्पतालों में गरीबों को मुफ्त इलाज मिले और प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड साल भर बारह महीने उसका पंजीकरण कार्य चालू रहे, साथमें संघप्रदेश तथा अन्य रज्यो में सभी निजी अस्पतालों में प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड को कार्यरत करवाने का अनुरोध किया।
प्रस्तावित किया गया साथ जिला पंचायत, पंचायत और नगर पालिका जैसे मुख्य स्थानीय स्वराज संस्थानों से छीन लिया गया स्वतंत्र प्रभार सभी स्थानीय स्वराज संस्थानों को पुनः प्रस्थापित करवा दिया जाना चाहिए और यह भी सिफारिश की गई कि स्थानीय स्वराज संस्थानों को धनराशि/फंड निरस्त किया था जिसको पुनः नियमित दे दिया जाए।
इंजीनियरिंग कॉलेज को एनआईटी का दर्जा देने की माँग की गई।
दमण और दीव के एकमात्र बीएड कॉलेज को प्रशासन द्वारा बंध करवाया गया है उस बीएड कॉलेजों को फिर से कार्यरत करवाने की गुज़ारिश की गई है।
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों की नियमित भर्ती और शिक्षकों की लंबित पदोन्नति करवाने की मांग की, दमण और दीव में तटीय राजमार्गों और सभी प्रमुख और स्थानीय सड़कों की दुर्दशा के बारे मे जानकारी दी उनको तत्काल नवीनीकरण के बारे में मंत्रीजी का ध्यान आकर्षित किया।
साथ ही दमण और दीव में हो रहे विकास के कार्य पर विकास राशियों के दुरुपयोग पर भी चर्चा की गई.
दमण और दीव के विकास की ज्यादातर परियोजनाओं पर लागत राशि से 40 से 50% अधिक खर्च पर कार्य दिए जा रहे और वह विकास कार्य को कुछ साल में दोगुना किया जा रहा है जिस बात की जांच करने की मांग की ।
बता दें कि दमण में चल रहे डोमेस्टिक एयरपोर्ट/ घरेलू हवाई कथक निर्माण कार्य में घोर लापरवाही बरती जा रही है और इसकी गहनता से जांच होनी चाहिए।
साथ ही दमन के किल्ले में चल रहे विकास कार्य जैसे सचिवालय, प्रशासक के निवास स्थान और पुराने समाहर्ता कार्यालय और व्यायामशाला जैसी परियोजनाओं की जांच करने की मांग की गई। कि क्या वह कार्य पुरातत्व विभाग की अनुमति से हो रहे है ? या नही जिसकी जांच की मांग की है।
यह भी जांचने की मांग की है कि अरब सागर तट पर नमो पथ और राम सेतु के कार्य में पुरातत्व एवं CRZ विभाग से अनुमति ली गई है या नहीं ?
दमन और दीव में आरक्षित वन भूमि पर टेंट हाउस बनाए गए है।
माना जा रहा है वैसे काफी विकास कार्य मे नियमों का धड़ल्ले से उल्लंघन किया गया हैं जिनकी जानकारी गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद रायजी को दी गई हे, जिन पर आश्वासन दिया है कि यह सभी मुद्दे की गंभीरता से जांच की जाएगी ।


