परीक्षा के रिजल्ट को जिंदगी का रिजल्ट न मानें, बच्चों का साथ दें – राकेशसिंह चौहान

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सिलवासा। सिलवासा नगरपालिका अध्यक्ष राकेशसिंह चौहान ने कहा कि सीबीएसई बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट सामने है। किसी को बहुत नम्बर मिलेंगे तो किसी को कम नम्बर मिलेंगे। नंबरों की गणीत में बच्चे ना उलझें। स्टूडेंट्स को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि यह केवल एक शैक्षणिक परीक्षा है, जीवन की सफलता-असफलता इस पर निर्भर नहीं करती। न ही यह परीक्षा आपकी पूरी जिंदगी निर्धारित करेगी। दुनिया के सबसे तेज़ दिमाग शख्सियतें शुरुआत में अक्सर असफल हुईं है। बाद में उनके हिम्मत, जज्बे और हौसले ने कामयाबी की नई लकीर खिंच दी। असफल होने पर पुनः नये जोश और उत्साह के साथ अपने लक्ष्य को साधने के लिए मैदान में डट जाएं। कामयाबी जरूर मिलेगी।
अभिभावक अपने बच्चे का जो भी रिजल्ट आए उसका उत्साहवर्धन करें, उसे डांटे नहीं उसे आत्मग्लानि में न धकेलें। बच्चों पर दबाव न डालें। ये जान लें कि कोई भी पढ़ाई या परीक्षा, मानसिक – शारीरिक स्वास्थ्य से बड़ी नहीं होती। बच्चे अभी जिंदगी की सीढ़ियों पर चढ़ रहे हैं, अगर मात्र एक स्कूली परीक्षा के रिजल्ट के बारे में वह किसी भी वजह से डिप्रेशन में आ गया, हताश हो गया, अपने को लूजर या फेलियर समझने लगा तो आगे की सीढ़ियां चढ़ने में मुश्किल आएगी।
बच्चे को विश्वास दिलाएं कि परिणाम जो भी आया है, उनका बच्चा बेस्ट है। परेशान होने की जरूरत नहीं है। आगे आने वाली परीक्षाओं में निश्चित ही रिजल्ट बेहतर होगा।
बच्चो के माता-पिता और शिक्षक बच्चों की अगली तैयारी के लिए प्रोत्साहित करेंगें उनपर भरोसा दिखाकर आगे बढ़ने देंगे तो आगे बेहतर रिजल्ट आएगा। एक बात ये भी तय है कि बच्चे के रिजल्ट का सामाजिक प्रतिष्ठा बनाने-बिगाड़ने में कोई रोल नहीं होता। और हां, बच्चे को नम्बर जेम में उलझाने की बजाए एक अच्छा इंसान, एक अच्छा नागरिक बनाएं। ये जीवन के लिए ज्यादा जरूरी है।

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