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महाराष्ट्र के पालघर जिला के वेवजी ग्राम पंचायत की हद में मालवा डुंगर के जंगल को हो रहे नुकसान का जवाबदार कौन?

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तपोवन,संजान:महाराष्ट्र के पालघर जिला के वेवजी ग्राम पंचायत की हद में बोरीगांव रॉड पर मालवा डुंगर के जंगल में खुलेआम लोग कर रहे है दारू-शराब की पार्टियां।
मालवा डुंगर के जंगल मे शराबी लोग एकांत जगह का फायदा उठा रहे है और दारु-शराब की पार्टिया कर रहे है,ऐसे में वहाँ के वन-विभाग के अफसर या गार्ड क्या सो रहे है?
वेवजी गांव के लोगो से पूछताछ के दौरान यह पता चला है कि इस जंगल मे कोई गार्ड या वन-विभाग के अधिकारी मौजूद नही रहते,तो क्या यह जंगल राम भरोसे छोड़ दिया गया है?
वन-विभाग के अफसर या गार्ड को इस जंगल की जवाबदारी सौंपी गई है या नही यह भी एक मुद्दे की बात है,क्योंकि जंगल की हिफाजत के लिए सरकार ने बहोत ही कड़े कानून बनाये है।
अब ऐसे में लोग खुलेआम दारू-शराब का नशा वहाँ पर कर रहे है तो इसका जवाबदार कौन होगा फोरेस्ट अफसर या गार्ड?क्योंकि पिछली रात कुछ मीडिया कर्मी इस जंगल के रोड से गुजर रहे थे और अचानक से आग की रोशनी देखकर वहाँ पर रुके और रोशनी की तरफ गए तो वहाँ का नजारा ही कुछ अलग था,इस जंगल मे कुछ लोग आग जलाकर बैठे हुए थे और दारू का सेवन कर रहे थे।
जंगल मे आग जलाकर बैठना मतलब सैंकड़ो जीव-जंतुओं की जान से खेलना,इस जंगल मे सैंकड़ो जीव-जंतुओ का निवास है और इस जंगल की जवाबदारी फॉरेस्ट अफसर और गार्ड को दी गई है।
जिस वक्त जंगल मे यह कारनामा हो रहा था तब वहाँ कोई गार्ड मौजूद नही था,तो अगर कोई हादसा होता तो इसका जवाबदार कौन होता?क्योंकि सरकार ने फोरेस्ट के कर्मचारियों को जंगल मे 24 घंटे तैनात रहने की ड्यूटी दी है,तो क्या सरकार से पूरा वेतन लेकर कर्मचारी अपनी ड्यूटी निभाने के बदले कोई और काम मे ध्यान तो नही लगा रहे?
हालांकि मीडिया कर्मी को देखकर वहाँ मौजूद शराबी भाग निकले और उस आग को मीडिया कर्मियों द्वारा बुझा दिया गया,लेकिन वहाँ कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था,तो उसका जिम्मेदार कौन होता?
मीडिया कर्मी ने कुछ लोगो से पूछताछ की तब पता चला कि गार्ड की नामौजूदगी के कारण जंगल से स्थानिक लोग पेड़ो को काटकर ले जाते है और चुल्हा जलाने में उपयोग करते है,तो कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के कारण जंगल के पेड़ों को काटा जा रहा है औऱ जंगल को नुकसान पहूंचाया जा रहा है।
तो क्या अब वन-विभाग के अफसर गहरी नींद से उठेंगे या फिर यूँही यह सिलसिला चलता रहेगा?

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