उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित राष्ट्रीय मूट कोर्ट स्पर्धा में हवेली इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज एवं रिसर्च की टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त कर प्रदेश का बढ़ाया गौरव

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हवेली इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज एवं रिसर्च की टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त कर प्रदेश का बढ़ाया गौरव

प्रतिस्पर्धा में देश के अलग-अलग राज्यों की 26 महाविद्यालयों की टीम रही शामिल

तपोवन, संजान : सिलवासा। इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध शंभुनाथ विधि संस्थान महाविद्यालय द्वारा आयोजित प्रथम राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से 3 एनएलयू (नेशनल लॉ कॉलेज) सहित कुल 26 महाविद्यालयों की टीमों ने हिस्सा लिया। इन टीमों में सीएनएलयू, पटना, एनएलयू, सोनीपत,सीएलसी, दिल्ली, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, एमिटी नोएडा, हवेली इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज एवं रिसर्च सिलवासा सहित देश के अन्य राज्यों के महाविद्यालयों की टीम शामिल रही। दादरा नगर हवेली सिलवासा से हवेली इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज एवं रिसर्च कॉलेज की भी टीम ने प्रतिस्पर्धा में भाग लिया। यह प्रतिस्पर्धा 13 एवं 14 अक्टूबर तक चली। इस प्रतिस्पर्धा में मुख्य अतिथि के रूप में केजी ठाकुर, सुनीता अग्रवाल (उच्च न्यायालय के न्यायाधीश) उपस्थित रहे। एच.सी. जज सुमित कुमार एवं दिनेश पाठक ने प्रतिस्पर्धा में शामिल टीमों का निर्णय लिया। इस प्रतियोगिता में शामिल दादरा नगर हवेली सिलवासा के हवेली इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज एवं रिसर्च कॉलेज की टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त कर संघ प्रदेश का गौरव बढ़ाया। इसके साथ ही बेस्ट मेमोरियल में सिलवासा लॉ कॉलेज की टीम ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।

क्या होता है मूट कोर्ट-

आपको बता दें कि मूट कोर्ट एक वास्तविक अदालत का अनुकरण करने जैसा ही होता हैजहां विधि के छात्रों को वास्तविक अदालत में होने वाली कार्यवाही को उसी रूप में एक मॉडल की तरह समझाया जाता हैइसमें विधि के छात्र भाग लेते हैंऔर वास्तविक अदालत की प्रक्रिया और उसकी गतिविधियों को सीखते हैं। इसमें पार्टियों के बीच एक काल्पनिक विवाद पर काल्पनिक सुनवाई और सबूत पेश किये जाते हैंजिससे छात्रों को अदालतों की प्रक्रिया प्रयोगात्मक तरीके से समझ में आ सके। ज्यादातरलॉ के स्कूलों में मूट कोर्ट आयोजित किए जाते हैंजहां छात्रों से वकील और जज के रूप में कानून के क्षेत्र में अपने करियर को आगे बढ़ाने की उम्मीद की जाती है। इसलिए आवश्यक कौशल के विकास के साथ-साथ भविष्य के लिए प्रशिक्षित होने के लिए अभ्यास करने के लिए मूट कोर्ट में प्रशिक्षित कराया जाता है।

लायंस क्लब ऑफ सिलवासा चैरीटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन फतेहसिंह चौहान ने दी शुभकामनाएं-

लायंस क्लब ऑफ सिलवासा चैरीटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन फतेहसिंह चौहान ने विजेता टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों के 26 विश्व विद्यालयों की टीम के बीच हुए प्रतिस्पर्धा में अपनी जगह बनाना कबीले तारीफ है वो भी तब जब कॉलेज ने हाल ही के 5 वर्षो से अपनी शुरुआत आरंभ की हो। फतेहसिंह चौहान ने बताया कि कानून की भाषाकानून का ज्ञान, प्रश्न करने और बहस करने के लिए प्रति परीक्षण करने की क्षमता पर मुट कोर्ट में विशेष रुप से ध्यान दिया जाता है। मूट कोर्ट के माध्यम से छात्रों को व्यवहारिक ज्ञान दिया जाता है जोकि शिक्षा पूरी करने के बाद उनके कार्य को गति प्रदान करने में काफी मददगार होगा। आगे भी ऐसी प्रतिस्पर्धा में शामिल होकर विजेता बनें इसके लिए हम और हमारी संस्था अपने छात्रों को सभी अत्याधुनिक तकनिकी से परिपूर्ण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

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