वापी में देश-विदेश के 400 सर्जनों की मौजूदगी में 2 दिवसीय लाइव सर्जरी के साथ ग्लोबल सर्जन्स समित का हुआ आगाज….

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तपोवन,संजान:ग्लोबल सर्जन समिट 2022 का आयोजन वापी सर्जन्स एसोसिएशन और एसोसिएशन ऑफ मिनिमल एक्सेस सर्जन्स ऑफ इंडिया (AMASI) द्वारा मेरिल इंडो-सर्जरी के सहयोग से 10 और 11 जून को वापी में दो दिनों के लिए किया गया है,जिसमें देश-विदेश के 400 सर्जनों की मौजूदगी में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने हर्निया, बैरिएट्रिक, कोलोरेक्टल सर्जरी की लाइव सर्जरी के साथ-साथ अन्य डॉक्टरों को नई-नई तरकीबें सिखाईं गई।
इस 2 दिवसीय ग्लोबल सर्जन समिट 2022 के बारे में वापी सर्जन्स एसोसिएशन के आयोजन अध्यक्ष डॉ.राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि पहले दिन वापी के पास वाइब्रेंट अस्पताल बलीठा में 3 ऑपरेशन थियेटर में रिलायंस फाउंडेशन के देश के जाने माने और बेरियाट्रिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ.मुफजल लकड़ावाला,हर्निया सर्जन,पोलैंड के मेसर्स स्म्याटेन्स्की और उनकी टीम द्वारा विभिन्न रोगियों पर हर्निया और बेरिएट्रिक सर्जरी ऑपरेशन किए गए है,वापी की मेरिल इंडो सर्जरी के सभागार में देश-विदेश के 400 विशेषज्ञों द्वारा सीधा प्रसारण देखा जा चुका है,इस प्रकार की सर्जरी अन्य डॉक्टरों को इस तरह के जटिल ऑपरेशन में शामिल कठिनाइयों को समझने और बेहतर सर्जरी करने में सक्षम बनाएगी।
तो, मुंबई के बेरिएट्रिक सर्जन डॉ.मुफजल लकड़ावाला ने कहा कि हर सर्जन मेडिकल और सर्जरी की किताबें पढ़कर ज्यादा से ज्यादा ज्ञान हासिल कर सकता है,उसके अलावा इस तरह की लाइव सर्जरी उसे और अधिक कुशल सर्जन बना सकती है। साथ ही सर्जरी के दौरान आने वाली दिक्कतों का सटीक समाधान भी कर सकते हैं। वर्तमान के डिजिटल युग में देश चिकित्सा क्षेत्र में बहुत प्रगति कर रहा है,संचालन के परिष्कृत उपकरण अब जापान,कोरिया,अमेरिका जैसे अन्य देशों के भारतीय अस्पतालों में हैं,हालांकि भारत में इस समय टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है,आने वाले समय में 30 वर्ष की आयु तक के युवाओं को इसके शिकंजे से दूर रखने और नई उन्नत तकनीक विकसित करने का प्रयास करना अनिवार्य है।
ईस तरह के शिखर सम्मेलन अन्य देशों के चिकित्सकों को अपने देश की चिकित्सा तकनीकों में सुधार करने का अवसर प्रदान करते हैं,उन्होंने यह भी कहा कि उनकी तकनीक दूसरे देशों के डॉक्टरों के लिए शुभ थी,मेसर्स स्मिटेंकी ने भी खुदको मील अवसर के लिए खुद को धन्यवाद दिया,और हर्निया रोग की बढ़ती घटनाओं से अवगत हुए और जवाब दिया कि इस तरह की बीमारी को आसन्न सर्जरी कौशल की मदद से बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।
ग्लोबल समिट के पहले दिन हर्निया,बेरियाट्रिक,कोलोरेक्टल सर्जरी जैसी 7 सर्जरी सफलतापूर्वक की गईं,दूसरे दिन 8 ऑपरेशन के साथ कुल 15 ऑपरेशन किए जाएंगे,सम्मेलन स्थल मेरिल अकादमी में देश-विदेश के 400 सर्जनों द्वारा सीधा प्रसारण देखा गया,साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों के उलझे सवालों का समाधान प्राप्त किया।
इस ग्लोबल सर्जन समिट में दुनिया भर से 400 से अधिक सर्जन शामिल हुए हैं,लगभग 120 अंतरराष्ट्रीय सर्जन हैं, यूरोप,अमेरिका,जर्मनी,फ्रांस में हर्निया,बेरिएट्रिक,कोलोरेक्टल सर्जरी कितनी उन्नत तकनीकें कर रही हैं,ईसकी जानकारी और मार्गदर्शन किसने दिया,ग्लोबल सर्जन समिट के लिए लाइव सर्जरी के लिए वाइब्रेंट अस्पताल में डॉ.समीर वोरा ने भी बेहतरीन सुविधाएं मुहैया कराकर अपना योगदान दिया।

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