तपोवन,संजान:उमरगॉव तालुका के दहाड़ ग्राम पंचायत क्षेत्र में आदिवासी समाज के बच्चो को शिक्षा का लाभ मिल सके इसलिए कमलाबाई चिंतामणि पिम्पुटकर ने स.न.1932 में प्राथमिक शाला बोर्ड दहाड़ के नाम से 6 गुंठा जमीन दान में दी थी,उस समय सेक्रेटरी के तौर पर जीवनजी खुशालभाई को वहीवट सौंपा गया था ओर लंबे समय तक शिक्षा के लिए इस मकान को उपयोग में लिया गया,परंतु लगभग 12 साल पहले इस संस्था के होदेदारो की जानकारी के बिना बिल्डर को 6 गुंठे का लाभ पहोचाने के लिए कुछ बन बैठे होदेदारो ने ग्रा.पं. होदेदारो को ओर तलाटी क्रम मंत्री को विश्वास में लिए बिना अपनी मर्जी से मोफेर की प्रक्रिया किसी को जानकारी दिए बिना पूर्ण करते हुए यह जमीन बिल्डर को सौंप दी,जब कि 12 साल तक इस जमीन पर मकान बना हुआ था।
किसी समय दानवीरों ने रकम जमा कर के आदिवासी बच्चों को लाभ मिल सके इसलिए इस मकान का निर्माण किया था,,परंतु कुछ स्वार्थी लोगो ने कुछ दिनों पहले दिन दहाड़े मकान को तोड़कर तमाम माल सामान गायब कर दिया गया ऐसी लोगो में चर्चा फेल रही है,तालुका विकास अधिकारी और जिला विकास अधिकारी की जवाबदारी यह बनती है कि बिना इजाजत के मकान को तोड़कर माल सामान गायब करने वालो के ऊपर कारवाई हो ऐसी लोगो चर्चा चल रही है।
प्राथमिक शाला दहाड़ के आचार्य,तालुका विकास अधिकारी(तालुका पंचायत) ओर प्राथमिक शिक्षण अधिकारी इस गैर कानूनी प्रवृति के फरियादी बने,इनकी फरियाद को ध्यान में लेते हुए वलसाड़ कलेक्टर कचहरी द्वारा पूर्व जिला पंचायत प्रमुख मणिलाल पटेल सहित 9 जितने लोगो को खुद या वकील द्वारा दि.23-03-2022 को दोपहर 3 बजे हाजर रहने का फरमान दिया है।
जीन लोगो को कलेक्टर द्वारा हाजर रहने का फरमान आया है उनके नाम आप देख सकते है
(1)मधुसुदन नेमचंद मेहता (प्राथमिक शाला दहाड़ के प्रमुख)
(2)रमेशभाई शेठ (उपप्रमुख)
(3)मणिलाल प्रेमाभाई पटेल (सेक्रेटरी)
(4)आशीष हसमुख संचेती(शाह) (खजांची)
(5)प्रबोध हरगोवनदास संजानवाला (सभासद)
(6)प्रदिप दत्तात्रेय पिंपुटकर (सभासद)
(7)प्रदिप चंदूलाल शुक्ल (सभासद)
(8)में.प्रकाश लेंड डेवलपमेंट के भागीदार 1.हेमंत कानूगो/2.नीरव किरीट शाह
(9)नायब कलेक्टर श्री पारडी….
अब देखना है कि उमरगॉव तालुका के चाणक्य कहे जाने वाले पूर्व जिला पंचायत प्रमुख मणिलाल पटेल कौन सा दांव आजमाते है,गैर कानूनी लाभ पहोचाने में यह जो षडयंत्र रचा गया उसमे कुछ शाहूकार ओर नामांकित लोगो का नाम शामिल होने की स्थानिक लोगो मे चर्चा फेल रही है।




