दादरा नगर हवेली की एक ईमानी कंपनी में आग लगने की घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। इस हादसे में एक युवक झुलस गया, जिसे इलाज के लिए एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा था। लेकिन रास्ते में एम्बुलेंस को जबरन रोक दिया गया और घायल युवक को दूसरे अस्पताल में भेज दिया गया, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का आरोप है कि करन सिंह नामक व्यक्ति ने एम्बुलेंस को रोका और अस्पताल पहुँचकर न केवल लोगों को गालियाँ दीं, बल्कि धमकियाँ भी दीं। इतना ही नहीं, उसने बंदूक निकालकर डराने और जान से मारने की धमकी तक दी। इस घटना का साक्ष्य सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिस ने करन सिंह और दीपक शुक्ला को हिरासत में लिया, लेकिन कुछ ही समय में दोनों को छोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि करन सिंह के जीजाजी का पुलिस महकमे में अच्छा प्रभाव है, जिसके चलते इन आरोपियों को छोड़ा गया। इस कार्रवाई को लेकर समाज में गहरा असंतोष व्याप्त है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पुलिस पर इस मामले में 30 लाख रुपये तक की लेनदेन की चर्चा भी सामने आ रही है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। लेकिन इस तरह के आरोपों ने मामले को और भी गंभीर बना दिया है। अब यह जांच का विषय है कि सच्चाई क्या है, लेकिन जो कुछ भी हुआ, उसने कानून व्यवस्था और न्याय प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।


