स्वास्थ्य निदेशक की अध्यक्षता में कोविड टीकाकरण, विलेज एडॉप्शन कार्यक्रम पर भी हुई समीक्षा बैठक:मंकीपॉक्स, पानीजन्य एवं वाहकजन्य रोगों पर हुआ प्रशिक्षण

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तपोवन, संजान :
दुनियाभर में मंकीपॉक्स ने दस्तक दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, अब तक दुनिया के 88 देशों में 28 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। भारत में भी इस बिमारी के 9 रोगी पाए गए है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंकीपॉक्स को अंतरराष्ट्रीय चिंता का वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए आज दिनांक 09-08-2022 के दिन संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली एवं दमण दीव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीनों जिलों के सभी चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी एवं नर्सिंग कॉलेज के अध्यापकों को मंकीपॉक्स विषय पर प्रशिक्षित किया गया। इसी के साथ बरसात के मौसम में होनेवाले पानीजन्य एवं वाहकजन्य बीमारियों पर प्रशिक्षण दिया गया। दमण एवं दीव के अधिकारी वीडियो कांफ्रेंस के जरिए प्रशिक्षण सत्र में उपस्थित रहे। इसी के साथ स्वास्थ विभाग द्वारा प्रदेश में किए जा रहे कोविड़ टीकाकरण अभियान, विलेज एडॉप्शन कार्यक्रम पर भी चिकित्सा अधिकारीयों एवं मेडिकल कॉलेज सिलवासा के अध्यापकों के साथ समीक्षा बैठक हुई। जिसमें प्रदेश में इन कार्यक्रमों के प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई एवं इसे पूर्ण रूप से सफल बनाने हेतु योजना बनाई गई ।
इस संदर्भ में अधिक जानकारी देते हुए स्वास्थ्य निदेशक, डॉ. वी. के. दास ने बताया की मंकीपॉक्स, वायरस के कारण होनेवाली एक संक्रामक बिमारी है। यह एक जुनोटिक बिमारी है जो मनुष्यों में कुछ जानवरों के संपर्क में आने से, मंकीपॉक्स संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से, संक्रमित व्यक्ति के साथ संभोग करने से या संक्रमित व्यक्तियों के सामान जैसे कपडे का उपयोग करने से हो सकता है। इसके लक्षण बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, सूजी हुई लिम्फ नोड्स और थकान महसूस करने के साथ शुरू होते हैं। इसके बाद शरीर पर चकत्ता होता है जिसके ऊपर फफोले और पपड़ी बनते है। कुछ सावधानिया बरतने से आप इस बिमारी के संक्रमण से बच सकते है जैसे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में न आये, हमेशा व्यक्तिगत स्वच्छता रखे, हाथो को साबुन से अच्छे से धोएं । इसी के साथ बरसात के मौसम में होनेवाले पानीजन्य बीमारियां जैसे कोलेरा से बचने के लिए पानी को हमेशा उबाल कर पिए या पीने के पानी में क्लोरिन का इस्तेमाल करें। वाहक जन्य बीमारियां जैसे डेंगू, मलेरिया से बचने के लिए अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरों के काटने से बचने के लिए शरीर को पूर्ण रूप से ढकने वाले कपड़े पहनें। विलेज एडॉप्शन कार्यक्रम के तहत प्रदेश के हर गांव में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के लिए नमो मेडिकल कॉलेज एवं नर्सिंग कॉलेज के अध्यापकों के साथ हुई इस बैठक में इस कार्यक्रम को और बेहतर तरीके से प्रभावी बनाने के लिए कौन से कदम उठाएं जायेंगे उस पर चर्चा हुई।
इसीके के साथ उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिको से अनुरोध किया है की वह इन बिमारीयों से घबराएं नहीं। अगर किसी को भी कोई भी लक्षण दिखाई देते है तो वह तुरंत अपने आपको नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर अपनी जाँच एवं इलाज करवा सकता है। साथ ही साथ जिस भी व्यक्ति ने अभी तक अपना कोविड का टीका नहीं लगवाया हो वह अपने नजदीकी टीकाकरण केंद्र पर जाकर अपना टीका लगवाएं।
अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र या टोल फ्री नंबर 104 पर संपर्क करे।

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