
- हमारी राजनीतिक विचारधारा भले अलग हो,लेकिन समाज के हक अधिकार की बात आती है और स्व.मोहनभाई डेलकर जी के देहांत के बाद आदिवासी समाज को एकजुट बनाकर रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी :प्रभु टोकिया (पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष)
तपोवन, संजान :संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित देश और दुनिया के विभिन्न देशों में विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम से मनाया जाता है, इसी अब तक दादरा नगर हवेली में आदिवासी एकता परिषद और आदिवासी विकास संगठन द्वारा अपने अपने तरीके से 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता था, लेकिन आदिवासी एकता परिषद के कमेटी द्वारा चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि प्रदेश के आदिवासी समाज को एक सूत्र में बांधने की जरूरत है अब हमारे बीच प्रदेश के बड़े आदिवासी नेता स्वर्गीय मोहन भाई डेलकर जी नहीं रहे, हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि समाज को विभिन्न संगठनों में नहीं बांटे और जहां भी हक अधिकार, संस्कृतिक कार्यक्रम, 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस जैसे अनेक कार्यक्रम आयोजन होते हैं , ऐसे सभी कार्यक्रम सर्व आदिवासी समाज और सर्व आदिवासी संगठन मिलकर संयुक्त रूप में मनाएंगे इस संबंध में दिनांक१२.०७.२०२२ को आदिवासी एकता परिषद committee द्वारा पहल की गई है और प्रदेश के सांसद कलाबेन डेलकर जी और युवा नेता अभिनव डेलकर जी को पत्र लिखकर इस बारे में हमारी टीम द्वारा अवगत किया गया है और उनसे आग्रह किया है कि भले ही आदिवासी नेता विभिन्न पार्टी पक्षों में जुड़कर राजनीति कर रहे हो लेकिन दादरा नगर हवेली में आदिवासी समुदाय को सुरक्षित रखना है,हक अधिकार को बचाना है तो सर्व आदिवासी समाज और सर्व आदिवासी संगठनों को एक मंच पर आकर आवाज बुलंद करनी होगी सभी दादरा नगर हवेली में आदिवासी समाज सुरक्षित रह सकता है ऐसा आदिवासी एकता परिषद टीम द्वारा सांसद महोदय को लिखा पत्र।


