स्व.देवकीबा मोहनसिंह जी चौहाण की पुण्यतिथी पर श्रीमती देवकीबा मोहनसिंह जी चौहाण कॉलेज में रक्तदान शिबिर का हुआ आयोजन, 40 युनिट ब्लड हुआ एकत्रित….

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तपोवन,संजान:सिलवासा के बहुप्रतिष्ठित श्रीमती देवकीबा मोहनसिंह जी चौहाण कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड साइंस में रेडक्रास सोसायटी के संयुक्त तत्वाधान में स्व.देवकीबा मोहनसिंह जी चौहाण की पुण्यतिथी पर रक्तदान शिबिर का आयोजन किया गया।इस शिबिर में लायंस इंग्लिश स्कूल,श्रीमती देवकीबा मोहनसिंह जी चौहाण कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड साइंस एवं हवेली इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च के स्टाफ एवं छात्रों नें बढ़-चढ़कर रक्तदान किया,जिसमें 40 युनिट ब्लड एकत्रित हुआ।
रक्तदान शिविर का शुभारंभ सुबह 9 बजे लायंस क्लब ऑफ सिलवासा चैरीटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन श्री फतेहसिंह चौहाण, ट्रेजरर श्री विश्वेष दवे,मैनेजिंग कमिटी मेंबर एवं इंडियन रेडक्रास सिलवासा के पूर्व सचिव श्री कुलदीप सिंह मुंदरा जी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।रक्तदान शिबिर सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चला,इस दौरान कुल 72 लोगो ने रक्तदान के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया जिसमें से 40 लोगो ने रक्तदान किया,इस दौरान विश्वेष दवे ने बताया कि उन्होंने अब तक 28 बार रक्तदान किया है।
इस मौके पर लायंस क्लब ऑफ सिलवासा चैरीटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन श्री फतेहसिंह चौहाण जी ने कहा कि आज हमारी माता स्व.देवकीबा मोहनसिंह जी चौहाण की पुण्यतिथी है जिनके नाम से 2014 में श्रीमती देवकीबा मोहनसिंह जी चौहाण कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड साइंस की स्थापना की गई थी,आज इस कॉलेज के 8 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं, जिनकी पूण्यतिथी को मनाते हुए रक्तदान शिबिर का आयोजन किया गया है।रक्तदान शिबिर में कॉलेज के एनएसएस यूनिट और वालंटियर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आगे भी प्रत्येक वर्ष माता स्व.देवकीबा मोहनसिंह जी चौहाण की पुण्यतिथी पर रक्तदान शिबिर का आयोजन करते रहेंगे ताकि समाज के प्रति हम अपना दायित्व निभा सकें।उन्होंने आगे बताया कि हमारी कॉलेज के एनएसएस यूनिट का कार्य भी उल्लेखनीय है,वे ग्रामिण क्षेत्रों में जाकर आदिवासी समाज के समस्याओं को सुलझाने और उन्हें जागरूक करने का पूरा प्रयास कर रहे हैं।
आपके खून की कुछ बूंदे किसी जरूरतमंद की सांसों को थमने से रोक सकती हैं।
श्री फतेहसिंह चौहाण,चेयरमैन,एलसीएससीटी
श्री फतेहसिंह चौहाण जी ने बताया कि रक्तदान करना सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है।रक्तदान से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।रक्त की जरूरत कब किस इंसान को पड़ जाए,कुछ कहा नहीं जा सकता।क्या पता आपके खून की कुछ बूंदे किसी जरूरतमंद की सांसों को थमने से रोक दें।प्रचार-प्रसार के बावजूद आज भी बहुत से लोगों के दिलोदिमाग में रक्तदान को लेकर कुछ गलत धारणाएं विद्यमान हैं, जो की पूरी तरह गलत है।प्रत्येक स्वस्थ्य व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए,ये हमारी खुद की सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है,हमारे छोटे से दान से किसी की जान बच सकती है,इसलिए घर-घर रक्तदान की अलख जगानी होगी।
श्री फतेहसिंह चौहाण जी ने आगे बताया कि लायंस क्लब ऑफ सिलवासा चैरीटेबल ट्रस्ट के मैनेजिंग कमेटी मेंबर एवं इंडियन रेडक्रास सिलवासा के पूर्व सचिव कुलदीप सिंह मुंदरा ने अपने कार्यकाल में 1 लाख 50 हजार यूनिट रक्त एकत्रित किया है। इनके इस प्रयास से कितने जरूरतमंदो को नया जीवन मिला होगा और यह गर्व की बात है, इसके लिए उन्होंने कुलदीप सिंह मुंदरा जी को धन्यवाद दिया।
रक्तदान से नहीं आती कमजोरी- श्री कुलदीप सिंह मुंदरा, मेंबर एलसीएससीटी
लोगों की इस धारणा पर विराम लगे कि रक्तदान से शरीर में कमजोरी आती है। रक्तदान से न कमजोरी आती और न कोई दूसरा खतरा।रक्तदान महादान है, रक्त देना और किसी की जिंदगी को बचाना पुण्य का काम है। दुनिया का कोई वैज्ञानिक रक्त बना नहीं सकता है।जरूरत पड़ने पर एक इंसान का रक्त ही किसी दूसरे की जिंदगी बचा सकता है। ब्लड डोनेट के सिवाय कोई दूसरा विकल्प नहीं है।रक्तदान करने के बाद सेहत ठीक रहती है।

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