
तपोवन, संजान:
हर वर्ष 24 मार्च को टीबी रोग के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से पूरे विश्व में ‘विश्व टीबी दिवस’ मनाया जाता है। हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2025 तक भारत को टी.बी. मुक्त बनाने का निर्णय लिया है तथा हमारे संघ प्रदेश प्रशासन ने हमारे प्रदेश को 2023 तक टीबी मुक्त प्रदेश बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
माननीय प्रशासक श्री प्रफुल पटेल के कुशल नेतृत्व एवं अनुभवी मार्गदर्शन में तथा स्वास्थ्य सचिव डॉ. ए. मुथम्मा के दिशा-निर्देशन में दादरा एवं नगर हवेली तथा दमण एवं दीव के टीबी विभाग द्वारा अपने कड़े एवं अनवरत प्रयासों से प्रदेश के टीबी रोगियों की संख्या में 40% से अधिक कमी लाई गयी है। इसके लिए भारत सरकार द्वारा संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली तथा दमण एवं दीव को 24 मार्च, 2022 के दिन टीबी के मामलों में प्रभावी कमी लाने के लिए विज्ञान भवन, दिल्ली में रजत पदक से सम्मानित किया गया है । संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली तथा दमण एवं दीव को इस दिशा में सर्वश्रेष्ठ कार्य के लिए भी पुरस्कार दिया गया है ।
प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में निर्धारित लक्ष्य तक पहुँचने के लिए प्रशासन एवं टीबी विभाग द्वारा प्रदेश में घर-घर जाकर टीबी खोज अभियान, टीबी मरीजों को प्रोटीन पाउडर, एयर बोर्न इन्फ़ैकशन कंट्रोल किट वितरण, टीबी मरीजों के परिवार के सभी सदस्यों में छुपी हुई टीबी का परीक्षण एवं इलाज किया गया एवं सभी गावों में टीबी अभियान के प्रति निरंतर जागरूकता लाकर, इस उपलब्धि को हासिल किया गया है। इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का नारा है “टीबी को खत्म करने के लिए सहयोग करें। जीवन बचाएं” (“Invest to End TB. Save Lives.”)। माननीय प्रशासक श्री प्रफुल पटेल जी के सक्षम नेतृत्व एवं स्वास्थ्य सचिव डॉ ए. मुथम्मा के मार्गदर्शन में तथा मिशन निदेशक श्री सुरेश चन्द मीना, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा निदेशालय के निदेशक डॉ. वी. के. दास और राज्य क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. मनोज सिंह के संयुक्त प्रयासों से 15-31 मार्च 2022 तक दादरा एवं नगर हवेली तथा दमण एवं दीव के सभी उप जिला अस्पताल, प्राथमिक आरोग्य केंद्र, उप केन्द्रों तथा औद्योगिक संस्थानों में जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया है।
24 मार्च 2022 को विश्व टीबी दिवस के अवसर पर दादरा एवं नगर हवेली एवं दमण एवं दीव के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर कुल 92 संकल्प सभाओं का आयोजन किया गया, इस सभाओं में आरोग्य कर्मचारी, आशा वर्कर, टीबी मरीज, टीबी चैम्पियन एवं विद्यार्थियों को मिलाकर लगभग 6700 से भी ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया और सभा के अंत में सभी ने ‘टीबी मुक्त शपथ’ ली। इस जागरूकता अभियान में टी॰बी॰ की जानकारी देने के लिए 24 मार्च को रखोली से ‘टीबी जागरूकता रथ’ शुरू हुआ। इस रथ के माध्यम से सप्ताह भर पूरे प्रदेश में टीवी विडियो/ ऑडियो, पुस्तिका (पेम्पलेट) द्वारा टीबी के प्रति व्यापक जागरूकता लाई जा रही है एवं लोगों को जानकारी दी जा रही है कि अगर दो हफ्तों से ज्यादा खांसी है तो डिब्बी में कफ (बलगम) देकर जाँच अवश्य करवाएं। कफ (बलगम) में अगर टी.बी. के कीटाणु हों तो डोट्स (Directly Observed Treatment Short-Course) अपनाकर टी.बी. को खत्म किया जा सकता है। साथ ही यह जानकारी भी दी जा रही है कि टी॰बी॰ की बीमारी, पूर्ण इलाज से पूरी तरह मिट सकती है। अगर इलाज पूरा न किया जाए या अनियमित दवाई ली जाए, तो टी॰बी॰ का इलाज मुश्किल हो जाता है। आगे चलकर मरीज ड्रग रेसिस्टंट टीबी (बिगड़ी हुई टीबी) में बदल सकता है। नागरिकों को जागरूक किया जाएगा कि “पूरा कोर्स पक्का इलाज” एवं “अगर दिखे टीबी के लक्षण, तुरंत करवाए अपना परीक्षण” का नारा अपनाकर टी॰बी॰ को खत्म करें और दादरा एवं नगर हवेली एवं दमण एवं दीव को क्षय मुक्त करने के कार्य में भागीदार बनकर स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें।


