तपोवन, संजान:कैंसर का नाम सुनते ही लोग जिंदगी को खत्म मान लेते हैं। लेकिन रविवार को वीआईए सभागार में नाडकर्णी मेडिकल फाउंडेशन द्वारा प्रोजेक्ट पूर्णिमा की शुरुआत के अंतर्गत हुए कैंसर सर्वाइवर्स में उपस्थित मरीजों ने कहा कि ऐसा नहीं है। इस दौरान कैंसर से ठीक हुए और कैंसर का उपचार करा रहे मरीजों ने कहा कि मजबूत हौसले, पारिवारिक सपोर्ट से इसे हराया जा सकता है। उपस्थित सभी लोगो ने अन्य लोगों को संदेश देते हुए कहा कि कैंसर से डरना नहीं, कैंसर को डराना है। इस मौके पर कई कैंसर मरीजों ने उपचार के दौरान अपनी शारीरिक, मानसिक पीड़ा का अनुभव साझा किया। इन्हीं में से एक सुरुचि वडालिया ने कहा कि उसे ब्रेन ट्यूमर है और जिंदगी बहुमूल्य है और इसे सार्थक तरीके से जीना है। लगातार वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय सुरुचि ने गांव, शहर और देश के साथ ही पूरे विश्व को हरा भरा बनाने का आह्वान किया।
इस कार्यक्रम में कैंसर पीड़ित और उनके परिजन सहित महिला मंडल की सदस्यों की उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि के तौर पर कलक्टर श्रीमती क्षिप्रा आग्रे, नगर पालिका अध्यक्ष काश्मीरा शाह, उद्योगपति एसएस सरना सहित कई जानी मानी हस्तियों ने मौजूद रहकर कैंसर सर्वाइवर्स का हौसला बढ़ाया। कैंसर पीड़ितों ने बताया कि इस दौरान परिवार और समाज का भावनात्मक संबल बहुत जरूरी है। कई अन्य लोगों ने भी कैंसर का पता चलने से लेकर उपचार के दौरान होने वाली पीड़ा को साझा किया। अपनी तरह के इस पहले और अनूठे कार्यक्रम में कैंसर सर्वाइवर्स द्वारा डांस, फैशन शो सहित विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। थिएटर नाटक और डॉ संगीता मेनन द्वारा आहार आहार पर विशेष चर्चा भी की गई।
इससे पूर्व नाडकर्णी मेडिकल फाउंडेशन के डॉ अक्षय नाडकणी ने कैंसर की जंग जीतने वालों की हिम्मत की प्रशंसा की। उन्होंने प्रोजेक्ट पूर्णिमा की स्थापना के उद्देश्यों से लोगों को अवगत कराया। डॉ अक्षय ने कहा कि समय पर कैंसर की जांच न होने पर इसका पता आखिरी स्टेज पर चलता है। जिससे मरीज की हालत गंभीर हो जाती है। समय पर पता चलने पर कैंसर का सफल इलाज हो सकता है। इस मौके पर विभिन्न महिला मंडल, डॉ किशोर नाडकर्णी, डॉ वैभव नाडकर्णी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।










